
पार्किंग से निकलते ही जोरदार धमाके से उड़ी कार, दिल्ली बम धमाके में बाल-बाल बचा आगरा का परिवार
दिल्ली बम धमाके में आगरा का एक परिवार बाल-बाल बचा है। महज 15 मिनट के फासले से मौत गुजर गई है। धमाके में पार्किंग में खड़ी इनकी कार भी क्षतिग्रस्त हो गई है। यह परिवार शादी की खरीदारी करने लाल किले के पास स्थित चांदनी चौक गया था।
महज 15 मिनट का फासला। मौत इतनी करीब थी यह सोचकर दिल दहल उठता है। गनीमत रही कि वक्त पर पार्किंग से बाहर आ गए और सामने मार्केट में चले गए। भगवान की कृपा है कि विस्फोट की चपेट में उनकी कार आई मगर जान बच गई। कई घंटे तक उस धमाके की गूंज को वो भुला नहीं पा रहे हैं। सामने जो मंजर है, उसे देखकर सबकुछ असहज लग रहा है।
यह कहना है आगरा के सिकंदरा क्षेत्र के कारगिल रोड निवासी यशवीर सिंह का। वह सोमवार को अपने रिश्तेदार प्रभात के साथ दिल्ली में शादी की खरीदारी करने गए थे। इन लोगों ने शाम 6.30 बजे लाल किला के पास पार्किंग में अपनी स्कॉर्पियो संख्या यूपी 80-8959 खड़ी की थी। सब कुछ ठीक-ठाक था। आपस में चर्चा कर रहे थे कि क्या-क्या खरीद लिया है और क्या बाकी है।
इसके बाद दोनों लाजपत राय इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में चले गए। वहां पसंद का सामान देख ही रहे थे कि करीब 15 मिनट बाद तेज धमाके से पूरा इलाका दहल गया। चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। मार्केट में लोग तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। पहले सिलेंडर या सीएनजी गाड़ी में विस्फोट की बात कही गई। कुछ देर बाद ईको वैन में धमाके की बात सामने आई। जितने मुंह उतनी बातें। कोई बाहर निकलने की हिम्मत नहीं करा पा रहा था।
यशवीर सिंह ने बताया कि कुछ देर बाद जब हम लोग लाजपत राय मार्केट की गली से बाहर आए तो वहां भगदड़ जैसे हालात थे। पुलिस स्थिति संभालने में जुटी थी। वाहनों के ऊपर और सड़क पर शव पड़े थे। डर की वजह से ज्यादा आगे नहीं बढ़े। फिर बाहर से मार्केट में पहुंचे लोगों ने बताया कि वहां शवों के चिथड़े उड़ गए हैं। दुपहिया वाहन टुकड़े-टुकड़े हो गए हैं। कारों में आग की लपटें उठ रही हैं।
लोगों ने धमाके का जो स्पॉट बताया गया, उसे सुनकर वह सन्न रह गए, क्योंकि वहीं उनकी कार खड़ी थी। कई बार प्रयास करने के बाद वह पार्किंग के पास पहुंचे तो वहां उन्हें अपनी गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखी। कई वाहनों में आग लगी हुई थी। पुलिस के सायरन सन्नाटे को चीर रहे थे। उनकी कार में शादी की खरीदारी का सामान रखा हुआ था।
पार्किंग के पास पुलिस ने किसी को रुकने नहीं दिया। वह भी वहां से चले गए। इसी बीच उनके परिजनों के फोन आने शुरू हो गए। उन्होंने अपने परिचितों को फोन कर दूसरा वाहन मंगाया है। रात तक पूरा इलाका सील था। पुलिस धीरे-धीरे लोगों को बाहर निकाल रही थी।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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