
दिल्ली ब्लास्ट: डॉ. आरिफ के संपर्क में रहे 5 कश्मीरी डॉक्टरों पर STF की नजर, सर्विलांस पर लगाए गए नंबर
संक्षेप: दिल्ली में विस्फोट के बाद हो रहे खुलासे और भी डराने वाले हैं। विस्फोट में पकड़ी गई डॉ. शाहीन सईद का कानपुर कनेक्शन मिलने और कार्डियोलॉजी के डॉ. आरिफ मीर की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियों की नजर यहां गढ़ गई है।
दिल्ली में विस्फोट के बाद हो रहे खुलासे और भी डराने वाले हैं। विस्फोट में पकड़ी गई डॉ. शाहीन सईद का कानपुर कनेक्शन मिलने और कार्डियोलॉजी के डॉ. आरिफ मीर की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियों की नजर यहां गढ़ गई है। सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों और पढ़ने वाले कश्मीरी मूल के छात्रों पर नजर रखी जा रही है। दिल्ली सेल से मिले इनपुट के बाद चार-पांच डॉक्टर सर्विलांस पर लिए गए हैं। एजेंसियों का मानना है कि इन लोगों का डीएम (डाक्टरेट ऑफ मेडिकल) कर रहे डॉ. आरिफ से संपर्क था। हालांकि इनके बीच फोन से संपर्क कम हुआ है। खुफिया एजेंसियां डॉ. आरिफ की चैट खंगाल रही हैं। सूत्र संभावना जता रहे हैं कि एक-दो दिन में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

दिल्ली विस्फोट की जांच कर रही स्पेशल सेल ने कानपुर के अशोक नगर में रहने वाले डॉ. आरिफ मीर का इनपुट एसटीएफ को दिया था। इसके साथ ही स्पेशल सेल की टीम कानपुर आई थी। दो दिन की मशक्कत के बाद एसटीएफ ने डॉ. आरिफ को हिरासत में लिया और दिल्ली स्पेशल सेल को सौंप दिया था। सूत्र बताते हैं कि इसी दौरान दिल्ली स्पेशल सेल ने कश्मीरी मूल के कई और डॉक्टरों की जानकारी एसटीएफ को दी है। इनमें से तीन डॉक्टरों से गुरुवार को पूछताछ भी हो चुकी है। हालांकि पूछताछ के बाद तीनों को जाने दिया गया है। जिनसे पूछताछ हुई उनमें से एक सीनियर और दूसरे जूनियर डॉक्टर हैं। तीसरे डॉक्टर निजी अस्पताल में प्रैक्टिस करते हैं। खुफिया एजेंसियों ने इन्हें निर्देश भी दिया है कि बिना सूचना दिए कानपुर नहीं छोड़ेंगे। कुछ और डॉक्टरों के नंबर सर्विलांस पर लिए गए हैं। इनकी स्पष्ट संख्या तो नहीं पता चल सकी लेकिन ये चार से पांच हो सकते हैं।
डॉ. आरिफ के लैपटॉप में मिला था एप
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग के रहने वाले डॉ. मो. आरिफ मीर के लैपटॉप से दिल्ली स्पेशल सेल को एक एप मिला था। इसी एप के जरिये यह लोग आपस में कम्युनिकेशन करते थे। सूत्र बताते हैं कि एप का डाटा गायब है। ऐसे में उसे रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है।
शहर में कश्मीरी मूल के 57 डॉक्टर व छात्र
कानपुर के मेडिकल कॉलेज से लेकर अन्य संस्थानों में प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों और पढ़ रहे कश्मीरी मूल के छात्रों का डाटा एलआईयू ने जुटाया है। सूत्रों के मुताबिक इनकी संख्या 57 है। इन सभी की गतिविधियां, दोस्तों, रिश्तेदारों और कहां आते जाते हैं आदि जानकारी जुटाई जा रही है। खुफिया के लोग इनसे मिलकर भी पूछताछ कर रहे हैं।





