Delhi Blast: डॉ.शाहीन अकेले नहीं, 3 और डॉक्टर बारी-बारी हुए लापता; चौंकाने वाला खुलासा
कॉलेज से अचानक गायब हुए डॉ. शाहीन समेत चारों डॉक्टरों का सालों तक कोई अता-पता नहीं चला। अचानक 2017-18 में तीन और डॉक्टर बारी-बारी से कॉलेज प्रशासन के सामने आए। बताया जा रहा है कि उस वक्त तीनों को लेकर तमाम चर्चाएं और अफवाहें भी उड़ी थीं। तीनों डॉक्टरों से तमाम सवाल-जवाब किए गए।

दिल्ली धमाके में गिरफ्तार की गई डॉ. शाहीन अकेले नहीं, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के तीन और डॉक्टर अचानक लापता हुए थे। बाद में शाहीन के साथ इन तीन डॉक्टरों को भी 2021 में शासन ने एक साथ बर्खास्त किया था। चौंकाने वाली इस जानकारी के सामने आने के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है। वर्ष 2013 में फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष का जिम्मा संभाल रही डॉ. शाहीन अचानक लापता हो गई थी। सूत्र बताते हैं कि डॉ. शाहीन के लापता होने के कुछ दिन बाद बारी-बारी से जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के तीन और डॉक्टर रहस्यमय तरीके से लापता हुए थे।
2013-14 के दौरान सर्जरी विभाग, फिजियोलॉजी और एनाटॉमी में काम कर रहे डॉक्टर लापता हुए थे। चार से पांच साल तक डॉ. शाहीन की तरह इन तीनों का भी कुछ पता नहीं चला।
शाहीन के सिवा तीनों आए थे फिर सामने
सूत्र बताते हैं कि कॉलेज से अचानक गायब हुए डॉ. शाहीन समेत चारों डॉक्टरों का सालों तक कोई अता-पता नहीं चला। फिर अचानक 2017-18 में तीनों डॉक्टर बारी-बारी से कॉलेज प्रशासन के सामने आए। बताया जा रहा है कि उस वक्त तीनों को लेकर तमाम चर्चाएं और अफवाहें भी उड़ी थीं।
सऊदी, खाड़ी देश गए पर सिर्फ हामिद ने ही स्वीकारा
कॉलेज सूत्रों के अनुसार, अचानक सालों गायब रहे तीनों डॉक्टर जब लौटे तो उनसे तमाम सवाल-जवाब किए गए। हालांकि दो डॉक्टर गोलमाल और आधी-अधूरी जानकारी देते रहे पर एक डॉक्टर ने सऊदी जाने की बात स्वीकारी थी। हालांकि संतोषजनक जवाब कोई नहीं दे सका था। इसलिए जांच के बाद 2021 में डॉ. शाहीन के साथ इन तीनों को भी शासन ने बर्खास्त कर दिया था।
शाहीन का था दावा, तलाक के बाद बिगड़ी मानसिक स्थिति
2013 में गायब होने वाली डॉ. शाहीन ने 2020 में कॉलेज प्रबंधन को पत्र भेजकर दोबार जॉइन करने की इच्छा जताई थी। इतने साल बगैर कोई सूचना के लापता होने पर शाहीन का दावा था कि तलाक के बाद उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई थी। उसकी हालत ऐसी नहीं थी कि वह कॉलेज में योगदान दे सके। उसने अपने माता-पिता की भी हालत खराब होने का दावा किया था। हालांकि शाहीन ने सऊदी जाने की कोई सूचना नहीं दी थी।
चारों की खोजबीन के लिए घर तक भेजे गए थे डॉक्टर
वर्ष 2013-14 में चारों डॉक्टरों के लापता होने पर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार बताते हैं कि वह इन चारों डॉक्टरों से कभी नहीं मिले। डॉ. शाहीन के बाद तीन और डॉक्टरों के लापता होने के बाद इनकी खोजबीन कराई थी। पत्राचार के अलावा सभी के घर तक दूसरे डॉक्टरों को भेजा, लेकिन घर पर ताला लगा मिला। इसके बाद शासन को पत्राचार करके सभी की सूचना दी गई थी।
उठ रहे हैं ये सवाल
1. एक ही समय में डॉ शाहीन समेत चारों डॉक्टरों का रहस्यमय ढंग से गायब होना सिर्फ इत्तेफाक या कोई साजिश।
2. चार से पांच साल तक इन डॉक्टरों की खोज में शुरुआती कार्रवाई सुस्त, बाद में औपचारिक खोज का हवाला देना।
3. तीन डॉक्टरों के लौटने के बाद उनसे कोई ठोस जवाब नहीं मिला। क्या उस समय गंभीरतापूर्ण कुछ किया गया।
4. सऊदी जाने की बात सिर्फ एक डॉक्टर ने स्वीकारी, क्या इस जानकारी के आधार पर संबंधित एजेंसियों से संपर्क किया गया या स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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