
मस्जिद-मदरसा का मलबा हटा नहीं, जमीन का बंट गया पट्टा, डीएम ने ग्रामीणों को खुद सौंपे कागजात
संभल में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान के बाद खाली हुई जमीन का पट्टा भी कुछ घंटे के अंदर ही ग्रामीणों को बांटकर मिसाल कायम कर दी है। शनिवार की रात लोगों ने खुद मस्जिद गिराई और सुबह मदरसे पर बुलडोजर चला। इसी के बाद जमीन भी बांट दी गई।
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे तेज और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। तहसील असमोली के गांव हाजीपुर (सलेमपुर सलार) में ग्राम समाज की भूमि पर बनी मस्जिद और मदरसे को ध्वस्त करने के महज कुछ ही घंटों के भीतर प्रशासन ने खाली हुई जमीन को 20 पात्र ग्रामीणों को पट्टे के रूप में आवंटित कर दिया। मौके पर पहुंचे डीएम ने खुद अपने हाथों से जमीन के पटटे ग्रामीणों को बांटे।
रात में ग्रामीणों ने खुद गिराई मस्जिद, सुबह मदरसे पर चला बुलडोजर
हाजीपुर गांव की गाटा संख्या 641 की 'नवीन पर्ती' भूमि पर मदीना मस्जिद और मदरसा दारुल उलूम कादरी नवशाही का निर्माण किया गया था। राजस्व अभिलेखों में यह ग्राम समाज की भूमि दर्ज थी। प्रशासन द्वारा ध्वस्तीकरण का आदेश जारी होने के बाद, शनिवार रात को ही ग्रामीणों ने लोक-लाज और कार्रवाई के डर से खुद ही मस्जिद का ढांचा हथौड़ों से गिरा दिया। रविवार सुबह जब डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई भारी पुलिस बल (8 थानों की फोर्स, पीएसी और आरआरएफ) के साथ पहुंचे, तो वहां मस्जिद पहले ही ध्वस्त मिली। इसके बाद प्रशासन ने मस्जिद से सटे अवैध मदरसे पर बुलडोजर चलाकर उसे पूरी तरह जमींदोज कर दिया।
58 लाख का भारी जुर्माना और गिरफ्तारी
सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने के आरोप में हाजी शमीम के खिलाफ बेदखली के आदेश के साथ ही 58 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि यदि जुर्माना जमा नहीं किया गया तो संपत्ति कुर्की जैसी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले पिता-पुत्र को पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है।
कार्रवाई के तुरंत बाद आवंटित हुए पट्टे
प्रशासन ने इस कार्रवाई में अभूतपूर्व तेजी दिखाई। अतिक्रमण हटने के तुरंत बाद डीएम और एसपी की मौजूदगी में मौके पर ही 20 भूमिहीन पात्र लोगों को पट्टे आवंटित कर दिए गए और उन्हें संबंधित कागजात सौंप दिए गए। प्रशासन का यह कदम अवैध कब्जाधारकों के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।
डीएम की सख्त चेतावनी
जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने जिले के सभी अतिक्रमणकारियों को कड़े लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि चाहे खलिहान हो, चारागाह हो या तालाब, सरकारी जमीन पर जहां भी कब्जा है, उसे 100 प्रतिशत हटाया जाएगा। लोग खुद ही कब्जे हटा लें, अन्यथा भारी अर्थदंड के साथ ध्वस्तीकरण होगा। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों के साथ अभद्रता करने वालों को भी 'जीरो टॉलरेंस' के तहत निपटने की चेतावनी दी।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
और पढ़ें



