
मां कहां है?- दौसा हाईवे पर चीखते रहे बच्चे, एक लापरवाही ने उजाड़ दिए परिवार
जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे-148 पर बुधवार तड़के एक दर्दनाक हादसे में 11 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। खाटूश्यामजी के दर्शन कर लौट रही पिकअप वैन खड़े कंटेनर में जा घुसी।
जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे-148 पर बुधवार तड़के एक दर्दनाक हादसे में 11 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। खाटूश्यामजी के दर्शन कर लौट रही पिकअप वैन खड़े कंटेनर में जा घुसी। मृतकों में सात मासूम बच्चे और चार महिलाएं शामिल हैं, जो उत्तर प्रदेश के एटा और फिरोजाबाद जिलों के रहने वाले थे।
हादसे के बाद का मंजर: चारों ओर खून और चीख-पुकार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 3:30 बजे जबरदस्त धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। पास ही ढाबे पर काम कर रहे गणेश कुमार सबसे पहले मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया, “पिकअप में बच्चे और महिलाएं बुरी तरह घायल थे। हर तरफ खून था और घायल लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरे हुए थे। महिलाओं और बच्चों की चीखें रोंगटे खड़े कर रही थीं।”
ज्यादा सवारी के लिए लगाया गया था लकड़ी का फट्टा, बनी हादसे की वजह
जांच में सामने आया है कि पिकअप में क्षमता से दोगुनी सवारी बैठाई गई थी। ड्राइवर ने पीछे की बॉडी में लकड़ी के दो फट्टे लगाकर ऊपर की परत बना दी थी। कुछ सवारियां नीचे, और कुछ ऊपर बैठाई गई थीं। टक्कर के दौरान पीछे बैठे यात्री सबसे ज्यादा चपेट में आए।
6 फीट ऊंची पिकअप में करीब 3 फीट की ऊंचाई पर दो फट्टे थे, जिन पर महिलाएं और बच्चे बैठे थे। हादसे के वक्त झटका इतना तेज था कि ऊपर बैठे कई यात्री मौके पर ही दम तोड़ बैठे।
चार परिवार पूरी तरह उजड़े, अब केवल पुरुष बचे
हादसे में शीतलपुर गांव (एटा) के चार परिवारों की महिलाएं और बच्चे खत्म हो गए।
• संजीव लोधी की पत्नी प्रियंका (25) और बेटी पूर्वी (3)
• रवि लोधी की पत्नी सोनम (27), बेटियां सलोनी (9) और मिष्टी (1)
• जयप्रकाश लोधी की पत्नी शीला (28) और बेटा निर्मल (11)
• मनोज लोधी की पत्नी सीमा (29) और बेटा बाबू (3)
अब इन परिवारों में केवल पुरुष सदस्य ही बचे हैं, जो दूसरी पिकअप में सवार थे और पीछे से पहुंचे। अपनों की लाशें देखकर वे बेसुध हो गए।
11 अगस्त को दर्शन के लिए निकले थे, लौटते वक्त हुआ हादसा
शीतलपुर और असरौली गांव से करीब 45 श्रद्धालु दो पिकअप वाहनों में खाटूश्याम मंदिर दर्शन के लिए 11 अगस्त को रवाना हुए थे। 12 अगस्त को दर्शन कर सभी रात में लौट रहे थे, जब यह हादसा सैंथल थाना क्षेत्र के बापी गांव के पास हुआ। हादसे की शिकार पिकअप में महिलाएं और बच्चे थे, जबकि पुरुष दूसरी पिकअप में थे।
ड्राइवर को आई झपकी, ओवरस्पीड भी बनी हादसे का कारण
पुलिस की प्रारंभिक जांच में हादसे की दो मुख्य वजहें सामने आई हैं — ओवरलोडिंग और ड्राइवर को आई नींद। हाईवे पर खड़े कंटेनर को पिकअप ड्राइवर समय पर नहीं देख पाया और सीधा टक्कर हो गई। केबिन में बैठे ड्राइवर समेत चार लोग मामूली रूप से घायल हुए।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने में मदद की। पुलिस को सूचना दी गई और एंबुलेंस बुलाई गई। घायल श्रद्धालुओं को दौसा और जयपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अभी भी कई की हालत गंभीर बनी हुई है।





