कभी अतुल के लिए परिवार से लड़ी थी दामिनी, फिर कैसे खून की प्यासी हुई पत्नी? कत्ल तक पहुंची बात

मेरठ/हस्तिनापुर
Follow us on Google News
share

आठ साल पहले जिस प्यार की खातिर दामिनी ने अपने परिवार वालों से बगावत कर डाली थी आज उसी प्यार को दामिनी ने अपने हाथों से मार डाला था। दामिनी ने अतुल को ऐसी खौफनाक मौत दी, जिसे सुनकर हर कोई कांप उठा।

meerut murder

Meerut Atul Murder: अतुल के प्यार के लिए दामिनी कभी पूरे परिवार और समाज से लड़ी थी। सभी की मर्जी के खिलाफ जाकर घर छोड़कर शादी भी कर ली थी। आठ साल में अतुल और दामिनी की जिंदगी पूरी तरह से बदल गई थी। जिस अतुल से मिलने के लिए दामिनी कभी बेताब हो जाती थी, आज वही उसे देखना तक नहीं चाहती थी। आठ साल में ही अतुल और दामिनी के बीच का प्यार खत्म हो गया था। दामिनी अंदर अंदर अतुल की खून की प्यासी हो गई थी। यही कारण है कि दाम दामिनी ने अतुल को ऐसी खौफनाक मौत दी, जिसे सोचकर ही हर कोई डर जाए। आखिर शादी के बाद इन सात साल में ऐसा क्या हुआ कि दामिनी ने ये कदम उठा लिया।

पुलिस पूछताछ में दामिनी ने आरोप लगाया कि शादी के दो साल बाद ही अतुल बदल गया था। वह अक्सर उससे मारपीट करता था और कई तरह से यातनाएं देता था। उस पर अकारण शक करता था। किसी से भी बात करने पर उसे जानवरों की तरह पीटता था। बेटे के सामने भी कई बार बुरी तरह से मारा था। यही बातें बर्दाश्त से बाहर हो गई थी।

घर से भागकर की थी दोनों ने शादी

दामिनी और अतुल दोनों का परिचय करीब आठ साल पहले हुआ था। दोनों में प्यार हुआ और दोनों ने शादी का फैसला लिया। हालांकि परिजन इस बात को लेकर तैयार नहीं थे। दोनों ने घर छोड़कर शादी करने का फैसला लिया। इसके बाद दामिनी ने परिजनों के खिलाफ जाकर लव मैरिज कर ली थी। हालांकि शादी के दो साल में ही अतुल और दामिनी के बीच संबंध पहले जैसे नहीं रहे थे। मामूली कहासुनी धीरे-धीरे मारपीट में बदलने लगी थी। कई बार उसे बांधकर मारा-पीटा। विरोध करने पर यातनाएं और बढ़ जाती थीं। इसी दौरान तुषार से परिचय हुआ और प्रेम प्रसंग हो गया। दामिनी और तुषार ने अतुल को रास्ते से हटाने के लिए प्लानिंग शुरू कर दी। अतुल की संपत्ति, बीमा की रकम और सांप काटने वाले मुआवजे की रकम हड़पने के लिए दामिनी और तुषार ने प्लानिंग कर ली। इसके बाद अतुल की हत्या कर दी।

दस बजे तक साथ रहा तुषार

मृतक अतुल के पिता अजब सिंह ने बताया कि अतुल को सांप काटने की सूचना मिलने पर वह पहुंचे तो तुषार पहले से वहां था। वह किसी करीबी की तरह हर जगह मौजूद रहा लेकिन जैसे ही उन्होने पोस्टमार्टम कराने पर जोर दिया तो तुषार को अंदाजा हो गया कि अब मामला खुल सकता है। यही कारण है कि वह मौका पाकर मौके से खिसक गया। हालांकि पुलिस ने कुछ देर बाद ही दबोच लिया।

तुषार ही लाया था नींद की गोली

दामिनी ने बताया कि तुषार ही दो दो गोली करके कई दिनो से ला रहा था जब वे काफी हो गयी। तो उसने दूध मे गोली मिलाकर अतुल को पिला दी। जिससे वह अचेत हो कर सो गया। दामिनी तुषार के प्रेम में इतनी पागल थी कि उसने स्वयं ही गोली खिलाकर उसके बिस्तर पर सांप छोड दिया। सांप ने अतुल को पैर पर दो जगह पर काटा। उधर, किसी को संदेह न हो इसलिए रात को दो बजे बाहर आकर दामिनी सो गयी। उसने यह भी नहीं सोचा कि उसके छह साल के बच्चे का क्या होगा।

पोते को संभालेंगे दादा-दादी

मृतक अतुल के छह वर्षीय बेटे मानिक को अब दादा अजब सिंह व दादी संतोष पालेंगे। वे ही अब उसके पालन पोषण करेंगे। जबकि उसकी मां दामिनी अब सलाखो के पीछे रहेगी। तुषार शादीशुदा है तथा दो बच्चो का पिता है तथा अपने परिवार के साथ खुशी के साथ रहता था। किंतु जब से दो वर्ष पूर्व से वह दामिनी के स्कूल में वैन चलाने लगा था उसके कुछ दिन बाद से ही उसका झुकाव दामिनी की तरफ रहने लगा था।

Dinesh Rathour

लेखक के बारे में

Dinesh Rathour

दिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका (डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।

पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, UP News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News, और lucknow Weather अपडेट हिंदी में पढ़ें। साथ ही UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Election 2027 Candidates से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsUP Newsकभी अतुल के लिए परिवार से लड़ी थी दामिनी, फिर कैसे खून की प्यासी हुई पत्नी?