यूपी में हर रोज साइबर क्राइम की 30 घटनाएं, NCRB की रिपोर्ट खुलासा, जांच में आगे प्रदेश की पुलिस

लखनऊ, विशेष संवाददाता
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एनसीआरबी की 'क्राइम इन इंडिया 2024' रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। साल 2024 में यूपी में 11,073 मामले दर्ज किए गए, यानी हर दिन औसतन 30 घटनाएं सामने आ रही हैं।

यूपी में हर रोज साइबर क्राइम की 30 घटनाएं, NCRB की रिपोर्ट खुलासा, जांच में आगे प्रदेश की पुलिस

साइबर अपराध पर काबू पाना पुलिस के सामने वर्तमान में सबसे बड़ी चुनौती है। साइबर अपराध के आंकड़े गवाह हैं कि आनलाइन ठगी का जाल हो या फिर डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं, इन पर तेजी से अंकुश नहीं लग पा रहा है। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट क्राइम इन इंडिया 2024 के अनुसार यूपी में 2024 में साइबर अपराध के 11 हजार से अधिक मामले दर्ज हुए। यानी औसतन रोजाना तीस मामले हो रहे हैं। जो पिछले वर्षां की तुलना में अधिक थे। हालांकि यह भी दावा है कि प्रदेश की पुलिस जांच और आरोप पत्र दायर करने में आगे है।

यूपी पुलिस साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए अपने संसाधान और प्रशिक्षण दोनों को लगातार बढ़ा रही है। इससे घटनाओं पर कुछ नियंत्रण तो हुआ है, पर इन मामलों का ग्राफ कम करने में पुलिस सफल नहीं हो सकी है। वर्ष 2022 में यूपी में साइबर अपराध के 10117 मामले और 2023 में 10974 मामले दर्ज हुए थे। 2024 में साइबर अपराध के 11073 मामले दर्ज हुए।

इनमें आनलाइन वित्तीय ठगी, डिजिटल ब्लैकमेलिंग, डिजिटल अरेस्ट, बैंक फ्राड जैसे अपराध शामिल हैं। साइबर अपराध के मामले में कर्नाटक व तेलंगाना सर्वाधिक साइबर क्राइम दर्ज करने वाले राज्य रहे। 2024 में तेलंगाना में साइबर अपराध के 27,230 और कर्नाटक में 21,993 मामले दर्ज हुए। यूपी के बाद बड़े राज्यों में महाराष्ट्र में 9922 व बिहार में 6380 मामले दर्ज हुए।

यूपी में साइबर क्राइम की दर 4.6 रही

यूपी में बड़ी जनसंख्या के कारण प्रति लाख आबादी पर साइबर अपराध दर अपेक्षाकृत कम रही। यूपी में यह दर 4.6 रही। इस मामले में राष्ट्रीय औसत 7.3 है। विशेषज्ञों का कहना है कि यूपी की बड़ी आबादी के कारण प्रति व्यक्ति अपराध दर कम दिखाई देती है लेकिन साइबर अपराध के मामले में वास्तविक चुनौती बड़ी है। स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ग्रामीण क्षेत्र में भी आनलाइन ठगी के मामले बढ़े हैं। साइबर अपराध में यूपीआई फ्राड, फर्जी निवेश और ट्रेडिंग एप, ओटीपी ठगी, सोशल मीडिया के जरिए प्रतिरूपण, फिशिंग अटैक जैसे मामले बढ़े हैं।

आरोपपत्र दाख्रिल करने में यूपी आगे

एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, साइबर अपराध की जांच में उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर रहा। वर्ष 2024 में प्रदेश में साइबर अपराध मामलों में आरोपपत्र दाखिल करने की दर 54 प्रतिशत रही और राष्ट्रीय औसत 31.9 प्रतिशत था। राज्य में साइबर थानों, जिला स्तर पर साइबर हेल्प डेस्क, डिजिटल फारेंसिक यूनिट और इलेक्ट्रानिक साक्ष्य तथा वित्तीय ट्रांजैक्शन की जांच के लिए विशेष प्रशिक्षण ने स्थिति को सुधारा है।

Yogesh Yadav

लेखक के बारे में

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योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

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