रेलवे निर्माण संगठन में अब सीधे नहीं होगी अफसरों की तैनाती, इंटरव्यू के बाद CSB करेगा चयन

मुख्य संवाददाता, गोरखपुर
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 रेलवे निर्माण संगठन में अफसरों की सीधी तैनाती नहीं हो होगी। रेलवे बोर्ड की नई व्यवस्था के अनुसार सीएसबी द्वारा इंटरव्यू के बाद तैनाती होगी। बोर्ड तय करेगा कि निर्माण संगठन में कौन अफसर जाने योग्य है।

CSB will select officers after interview in Railway Construction Organisation
रेलवे निर्माण संगठन में अब इंटरव्यू के बाद तैनाती होगी

UP News: रेलवे के निर्माण संगठन में अब अफसरों की सीधी तैनाती नहीं हो सकेगी। रेलवे बोर्ड की नई व्यवस्था के अनुसार सेंट्रल सलेक्शन बोर्ड (सीएसबी) द्वारा इंटरव्यू के बाद तैनाती होगी। बोर्ड तय करेगा कि निर्माण संगठन में कौन अफसर जाने योग्य है। इसके लिए निर्धारित पद से पांच गुना अधिक अधिकारियों के इंटरव्यू होंगे।

रेलवे बोर्ड के अनुसार इसका उद्देश्य निर्माण परियोजनाओं के लिए ऐसे अधिकारियों का चयन करना है, जिनके पास तकनीकी क्षमता, अनुभव और परियोजना प्रबंधन की समझ हो। चयन प्रक्रिया में केवल वरिष्ठता के बजाय अधिकारी की उपयुक्तता को भी महत्वपूर्ण आधार बनाया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत निर्माण संगठन में सेवा देने के इच्छुक अधिकारियों को एक निर्धारित पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। निर्धारित पद से पांच गुना अधिकारियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। इस नई व्यवस्था से निर्माण के कार्य में कोई बाधा नहीं आएगी और इसमें कार्य करने वाले योग्य अफसरों को काम करने का मौका मिल सकेगा।

तकनीकी दक्षता बनेगा आधार

नई रेल लाइनों, पुलों, सुरंगों, तेज गति वाले रेल मार्गों, सिग्नलिंग, विद्युतीकरण, और आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। ऐसे में केवल पारंपरिक रेलवे निर्माण का अनुभव पर्याप्त नहीं माना जा रहा है। नई नीति में अधिकारियों के लिए दो से तीन सप्ताह का अनिवार्य ट्रेनिंग भी रखा गया है। प्रशिक्षण के दौरान तकनीकी रूप से दक्ष पाए जाने वाले अफसरों को ही मौका मिलेगा।

चयन बोर्ड में होंगे दो वरिष्ठ अधिकारी

नीति के अनुसार केंद्रीय चयन बोर्ड में अतिरिक्त सदस्य, प्रधान निदेशक या निदेशक स्तर के दो अधिकारी शामिल होंगे। बोर्ड उम्मीदवारों की क्षमता का आकलन करेगा। इसके लिए केवल दस्तावेजों और सेवा रिकॉर्ड पर निर्भर रहने के बजाय अधिकारियों के साथ साक्षात्कार किया जाएगा। नई व्यवस्था में निर्माण संगठन में दोबारा तैनाती को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था की गई है। किसी अधिकारी को निर्माण संगठन में दोबारा तैनाती करने से पहले दो साल का अंतराल रखना अनिवार्य होगा।

पांच साल के लिए होगा कार्यकाल

रेलवे बोर्ड ने निर्माण संगठनों में अधिकारियों के लिए पांच साल का कार्यकाल तय किया है, जिसे अधिकतम सात साल तक बढ़ाया जा सकेगा। पहले से निर्माण संगठन में तैनात ऐसे अधिकारी जिनका कार्यकाल पांच साल से कम है, उनकी सेवा जारी रखने के लिए समीक्षा की जाएगी। उनका कार्यकाल भी सात साल तक बढ़ाया जा सकता है। निर्माण संगठन में पांच साल से अधिक समय तक सेवा दे चुके एनएफएचएजी, एसएजी, एनएफएसएजी, जेएजी, एसएस और जेएस स्तर के अधिकारियों के लिए केंद्रीय चयन बोर्ड अलग से रिटेंशन प्रक्रिया करेगा।

Pawan Kumar Sharma

लेखक के बारे में

Pawan Kumar Sharma

पवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।

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