क्रिकेटर रिंकू सिंह का फेसबुक हैक; शातिरों ने ई-मेल भी बदला, हड़प रहे पूरी इनकम
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज और 'फिनिशर' के नाम से मशहूर रिंकू सिंह साइबर अपराध का शिकार हो गए हैं। अलीगढ़ के रहने वाले रिंकू सिंह की फेसबुक आईडी हैक कर ली है। उसे दूसरे मेल से अटैच कर दिया है।

भारतीय क्रिकेट रिंकू सिंह इन दिनों एक अलग तरह की 'पिच' पर मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। साइबर ठगों ने रिंकू सिंह की आधिकारिक फेसबुक आईडी हैक कर ली है। चौंकाने वाली बात यह है कि हैकर्स ने न केवल आईडी का एक्सेस छीना है, बल्कि उस अकाउंट से होने वाली 'मोनेटाइजेशन इनकम' को भी अपने बैंक खातों में डाइवर्ट कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के आदेश पर साइबर क्राइम थाने में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
व्यस्तता का फायदा उठाकर सेंधमारी
ओजोन सिटी गोल्ड स्टेट निवासी रिंकू सिंह के भाई सोनू सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि रिंकू अपने क्रिकेट मैचों और ट्रेनिंग सत्रों में अत्यधिक व्यस्त रहते हैं। इसी व्यस्तता के कारण वह काफी समय से अपनी फेसबुक आईडी की ओर ध्यान नहीं दे सके। कुछ समय पूर्व जब उन्होंने अपनी आईडी लॉग-इन करने का प्रयास किया, तो पासवर्ड गलत बताने लगा। बार-बार कोशिश करने के बावजूद वह अपना अकाउंट एक्सेस नहीं कर पाए।
बदल दी गई मेल आईडी और बैंक डिटेल्स
जांच में सामने आया है कि रिंकू की फेसबुक आईडी मूल रूप से उनकी व्यक्तिगत मेल आईडी (rinkukumar344.8.7) से जुड़ी थी। लेकिन शातिर हैकर्स ने इसे बदलकर एक नई कॉमर्शियल मेल आईडी (commercial.rinkusingh) से लिंक कर दिया है। रिंकू सिंह का फेसबुक पेज मोनेटाइज्ड है, यानी उनके वीडियो और फोटो पर आने वाले विज्ञापनों से मोटी कमाई होती है। हैकर्स अब इस अकाउंट पर खुद ही फोटो और वीडियो अपलोड कर रहे हैं और उससे जेनरेट होने वाली पूरी रकम खुद हड़प रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई और साइबर सेल का अलर्ट
आईडी हैक होने का अहसास तब हुआ जब अकाउंट से रिंकू की जानकारी के बिना निरंतर पोस्ट होने लगे। रिंकू सिंह ने तत्काल इसकी जानकारी एसएसपी को दी, जिसके बाद साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर रामेंद्र शुक्ला ने बताया कि आईटी एक्ट की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब उस आईपी एड्रेस और मेल आईडी को ट्रैक कर रही है जिसके जरिए अकाउंट में बदलाव किए गए हैं। साथ ही, फेसबुक (मेटा) के अधिकारियों को भी इस संबंध में पत्र लिखकर अकाउंट रिकवर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।



