30 दिन बंधक रहे दंपति को 8 घंटे थाने में बिठाया; 3 बार तहरीर बदलवाई, पुलिस पर गंभीर आरोप
कानपुर में फ्लैट से मुक्त कराए गए दंपति ने वीडियो वायरल कर कल्याणपुर पुलिस पर तहरीर बदलवाने और आरोपी पर सिर्फ शांतिभंग की कार्रवाई करने का आरोप लगाया। दंपति ने एक महीने तक बंधक बनाए रखने की बात कही। पुलिस ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि कार्रवाई तहरीर के आधार पर की गई है।

कानपुर के कल्याणपुर क्षेत्र में एक महीने (30 दिन) बाद फ्लैट से मुक्त कराए गए दंपति ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित दंपति ने एक वीडियो वायरल कर आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें थाने में घंटों बैठाए रखा और उनकी तहरीर तीन बार बदलवाई। इसके बाद भी आरोपी के खिलाफ अपहरण जैसी गंभीर धाराओं में कार्रवाई करने के बजाय सिर्फ शांतिभंग में चालान किया गया। हालांकि ‘हिन्दुस्तान’ वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। पुलिस ने दंपति के आरोपों को गलत बताते हुए कहा है कि कार्रवाई पीड़ित की तहरीर के आधार पर ही की गई है और मामले की जांच जारी है।
30 दिन बंधक रहे पति-पत्नी और बच्चा
शाहजहांपुर निवासी ओम गुप्ता की पत्नी दिव्या की उन्नाव के बांगरमऊ क्षेत्र में करीब 14 बीघा पैतृक जमीन है। ओम गुप्ता का आरोप है कि कल्याणपुर के प्रॉपर्टी डीलर दीपक गंगवार ने करीब दो करोड़ रुपये कीमत की जमीन का सौदा 71 लाख रुपये में तय किया था। इसके लिए दीपक ने एक लाख रुपये बतौर बयाना दिए थे। ओम गुप्ता के मुताबिक पांच फरवरी को दीपक ने उन्हें कानपुर बुलाया और अपने गुर्गों की मदद से उन्हें बंधक बना लिया।
दंपति ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित दंपति का आरोप है कि करीब एक महीने तक उन्हें और उनकी दो साल की बच्ची को अलग-अलग होटल और फ्लैट में बंधक बनाकर रखा गया। शनिवार को कंट्रोल रूम में सूचना मिलने के बाद कल्याणपुर पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें फ्लैट से मुक्त कराया। मुक्त होने के बाद ओम गुप्ता ने तीन मिनट 42 सेकंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया। वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें, उनकी पत्नी और उनकी दो साल की बच्ची को शनिवार दोपहर करीब दो बजे थाने लेकर आई, लेकिन करीब आठ घंटे तक थाने में बैठाए रखा। इस दौरान बच्ची भूख और प्यास से परेशान होती रही।
आरोपियों से पुलिस की जान-पहचान का आरोप
ओम गुप्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी तहरीर तीन बार बदलवाई और अंत में आरोपी के खिलाफ अपहरण के बजाय केवल शांतिभंग की कार्रवाई कर दी। उन्होंने यह भी दावा किया कि आरोपी दीपक का भाई थाने में पुलिसकर्मियों के लिए खाना लेकर आया था और उनकी आवभगत की गई। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनसे कहा कि आरोपी उनकी जान-पहचान का है।
बंधक बनाने की बात पर पुलिस को शक
पीड़ित दंपति ने मांग की है कि उनकी मूल तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने बताया कि वह सोमवार को इस मामले को लेकर पुलिस कमिश्नर से मुलाकात करेंगे। वहीं, कल्याणपुर के एसीपी आशुतोष कुमार ने दंपति के आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित पक्ष ने पहले दीपक गंगवार से एग्रीमेंट किया था, लेकिन बाद में जमीन किसी दूसरे पक्ष को बेच दी।
एसीपी के अनुसार दीपक अपनी रकम वापस लेने के लिए उन्हें कानपुर में रोके हुए था। उन्होंने बताया कि इस दौरान दंपति मॉल में शॉपिंग करने गए और उन्नाव डीएम कार्यालय भी पहुंचे, इसलिए बंधक बनाए जाने की बात सही नहीं लगती। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


