कफ सिरप तस्करी मास्टर माइंड शुभम जायसवाल के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस, दुबई से लाने की तैयारी
कफ सिरप मास्टर माइंड शुभम जायसवाल के खिलाफ एसआईटी ने शिकंजा और कस दिया है। उसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी किया गया है। दुबई से उसे लाने की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं।

कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल और उसके साथी आकाश पाठक के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी किया गया है। एसआईटी ने इस नोटिस के लिए सीबीआई से अनुरोध किया था। इस प्रकरण के तूल पकड़ते ही शुभम अपने परिवार व साथियों के साथ दुबई भाग गया था। एसआईटी इन दोनों के प्रर्त्यपण के लिए प्रयास कर रही है। वहीं इस मामले में कई अन्य आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है। लखनऊ, गाजियाबाद, वाराणसी और सोनभद्र में कफ सिरप की तस्करी को लेकर मुकदमे दर्ज हुए थे।
इस कांड में विभोर राणा और विशाल की गिरफ्तारी के बाद बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह, अमित टाटा समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हुई। मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल और आकाश पाठक दुबई में छिपे हुए हैं। कुछ दिन पहले शासन ने इस प्रकरण की जांच के लिए आईजी कानून-व्यवस्था एलआर कुमार के नेतृत्व में एसआईटी बनाई थी। एसआईटी ने कई नए बिन्दुओं पर इस प्रकरण की जांच शुरू की। इसमें ही शुभम और आकाश के प्रर्त्यपण के लिए भी तेजी लाई गई। इसी कड़ी में दोनों के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी किया गया।
कई और आरोपियों की तलाश
एसटीएफ की जांच में कई लोगों का नाम सामने आया था। इनके बारे में भी एसआईटी ने पूरा ब्योरा लिया था। एसआईटी इनकी भी तलाश कर रही है। एसआईटी ने इसमें संबंधित जिलों से भी कई जानकारियां ली है।
अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल
एसआईटी की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि शुभम जायसवाल और आकाश पाठक ने दुबई में बैठकर न केवल कानून से बचने का ठिकाना बनाया, बल्कि वहां से तस्करी के इस काले साम्राज्य के वित्तीय लेन-देन (हवाला नेटवर्क) को भी नियंत्रित कर रहे हैं। रेड कार्नर नोटिस जारी होने के बाद, अब इंटरपोल की मदद से इनकी आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी।
एसआईटी ने इन आरोपियों की बेनामी संपत्तियों और बैंक खातों का ब्योरा भी जुटाना शुरू कर दिया है, ताकि 'मनी ट्रेल' के जरिए तस्करी की पूरी कड़ियां जोड़ी जा सकें। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी जल्द ही इनके खिलाफ कोर्ट से गैर-जमानती वारंट और कुर्की की प्रक्रिया भी शुरू कर सकती है, जिससे उन पर आत्मसमर्पण का दबाव बढ़ाया जा सके।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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