
कफ सिरप घोटाला: शुभम जायसवाल की 189 फर्में फर्जी निकलीं, करोड़ों की हेराफेरी का खुलासा
ईडी की बड़ी कार्रवाई में शुभम जायसवाल के ऑफिस और गोदाम से कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार से जुड़े 189 फर्जी फर्मों के दस्तावेज बरामद हुए हैं। जांच में यह भी पता चला कि शुभम और उसके पिता भोला प्रसाद जायसवाल के नाम पर दर्ज फर्मों का इस्तेमाल ट्रांजैक्शन को वैध दिखाने के लिए किया जा रहा था।
ईडी की बड़े पैमाने पर शनिवार दोपहर तक चली कार्रवाई से साफ हो गया कि कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल ही था। उसके रांची स्थित आफिस और गोदाम में मिले 189 फर्मों के दस्तावेज फर्जी निकले हैं। इससे जुड़े कुछ और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
ईडी के मुताबिक रांची स्थित आफिस में जितनी फर्में मिली हैं, वह शुभम और उसके पिता भोला प्रसद जायसवाल के नाम है। भोला के नाम से बैंक खाते भी मिले। भोला ने अपने बयान में कहा कि सब कुछ शुभम करता था। उनके नाम से सिर्फ फर्म है। इस फर्म के जरिए आने वाली सिरप कहां-कहां किस इस्तेमाल के लिए खपाई जा रही थी, इस बारे में उन्हें कुछ भी नहीं पता है। शुभम इन फर्मों का इस्तेमाल ट्रांजेक्शन को असली व्यापार दिखाने के लिए कर रहा था।
सीए के घर मिले 140 फर्मों के दस्तावेज
ईडी अफसरों ने बताया कि शुभम के सीए विष्णु अग्रवाल के घर व आफिस से 140 फर्मों का ब्योरा जुटाया गया है। यह जांच की जा रही है कि इसमें कितनी फर्में फर्जी है। इनके जरिए कितनी रकम खपाई गई। यह भी पता किया जा रहा है कि अपनी फीस के अलावा क्या सीए को इन रकम के एवज में कमीशन भी दिया जा रहा था। शुभम के साथ जुड़ने के बाद से उसकी सम्पत्ति कितनी बढ़ी, इसका ब्योरा जुटाया जा रहा है।
शुभम की कोठी में दो करोड़ का इंटीरियर मिला
ईडी के मुताबिक मूल्यांकन करने वाले ने शुभम के घर के इंटीरियर की कीमत दो करोड़ रुपये आंकी है। अभी अंदर मिली कई और वस्तुओं की कीमत के साथ परिवार के नाम अन्य सम्पत्तियों का पता किया जा रहा है।
अहमदाबाद में निदेशक के मोबाइल जब्त
अहमदाबाद में आर्पिक फार्मास्यूटिकल्स प्रा. लि. और उसकी सहयोगी कंपनी इडहिका लाइफ साइंसेज के ठिकानों पर भी कई फर्जी कंपनियों के दस्तावेज मिले। यहां दो निदेशकों से पूछताछ के बाद उनके दो मोबाइल और एक दस्तावेज जब्त कर लिया गया।





