युवक के छूटने पर स्वागत के लिए जेल पहुंचा गाड़ियों का काफिला, फूल-माला पहनाकर उतारी आरती
गोरखपुर में जेल से छूटे एक मनबढ़ का जेल के बाहर गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे साथियों ने उसे फूल-मालाओं से लाद दिया, जबकि घर पहुंचने पर उसकी आरती उतारी गई। इस घटना का वीडियो वायरल होने पर प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिसके बाद पुलिस ने आठ को गिरफ्तार कर लिया।

UP News: यूपी के गोरखपुर में जेल से छूटे एक मनबढ़ का उसके साथियों ने इस तरह स्वागत किया, मानो वह कोई जंग जीतकर लौटा हो। जेल के बाहर गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे साथियों ने उसे फूल-मालाओं से लाद दिया, जबकि घर पहुंचने पर उसकी आरती उतारी गई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो इंस्टाग्राम पर भी पोस्ट किया गया, जिसके बैकग्राउंड में डायलाग चल रहा था, 'इतनी गोली मारो, जितनी प्रदेश के इतिहास में आज तक न चली हो।' वीडियो कुछ ही देर में वायरल हो गया। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
उधर, रील सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मनबढ़ अमन यादव उर्फ मक्कू यादव समेत उसके आठ साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजवा दिया। पुलिस ने उनके कब्जे से एक काले रंग की थार और एक सफेद फॉर्च्यूनर बरामद कर दोनों वाहनों को 207 एमवी एक्ट के तहत सीज किया है। पुलिस ने इंस्टाग्राम पर जातीय संघर्ष और वैमनस्य फैलाने के आरोप में यह कार्रवाई की। मक्कू के अलावा गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अनुराग अग्रहरी, अन्नी कनौजिया, साहिल निषाद, राहुल राज, सक्षम राव, अमित यादव और प्रभास यादव के रूप में हुई है।
कैंट थाना क्षेत्र के सिंघड़िया निवासी विक्की शर्मा पर 2 दिसंबर 2025 की रात अमन यादव उर्फ मक्कू और उसके साथियों ने गोली चलाई थी। घटना वाली रात विक्की अपने परिवार के साथ एक शादी समारोह से घर लौट रहे थे। घायल विक्की को एम्स में भर्ती कराया गया था। उनके भाई ने इस मामले में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें शनि उर्फ अन्नी कनौजिया, पीयूष कनौजिया, अर्जुन कनौजिया, अनुराग अग्रहरी, सैफ और अमन यादव उर्फ मक्कू यादव का नाम सामने आया था। कैंट पुलिस ने सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
फूल मालाओं से हुआ स्वागत
अमन यादव उर्फ मक्कू यादव 6 मई 2026 को जमानत पर जेल से रिहा हुआ। जेल से बाहर निकलते ही गेट पर मौजूद साथियों ने फूल-मालाओं के साथ उसका स्वागत किया। उसे रिसीव करने कई गाड़ियां पहुंची थीं। यहां से घर पहुंचने पर उसकी आरती भी उतारी गई। पूरे घटनाक्रम का वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया था। वीडियो के बैकग्राउंड में धमकी भरे बोल थे। इतना ही नहीं, आरोप है कि मुकदमे में समझौते का दबाव बनाने के लिए 7 मई को उसने अपने साथियों के साथ वादी को धमकाया भी था।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद पुलिस पर सवाल उठने लगे। वीडियो में शांति व्यवस्था भंग करने और जातीय संघर्ष भड़काने जैसी बातें कही गई थीं। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आठों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया और सोमवार को कोर्ट में पेश करने के बाद सभी को जेल भेज दिया।
इस मामले में एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि पीड़ित को धमकी देने और शांति व्यवस्था भंग करने तथा जातीय संघर्ष भड़काने की आरोपितों की एक वीडियो सामने आने के बाद अमन उर्फ मक्कू और उसके साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेजवाया गया है। पूरे गिरोह पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जेल के सामने रंगबाजी से पुलिस भी कठघरे में
मनबढ़ अमन उर्फ मक्कू यादव का वीडियो जेल के गेट से निकलने, फूल-माला पहनने और गाड़ी में बैठने तक बनाया गया है। जेल के ठीक सामने शाहपुर थाने की जेल रोड चौकी भी स्थित है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि उस दौरान चौकी की पुलिस की भूमिका क्या थी। अपने बचाव में पुलिसकर्मियों का कहना है कि जेल गेट से बाहर निकलने वाला वीडियो छोड़कर बाकी फुटेज उस स्थान का नहीं था।
जेल के बाहर लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
जेल चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी अक्सर बेमन से ड्यूटी करते हैं। उन्हें लगता है कि यहां कोई बड़ी आपराधिक घटना नहीं हो सकती। जेल प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से बाहर के हिस्से में पहले से छह सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे हैं। अब पुलिस अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी में जुट गई है। बाहर खड़ी होने वाली गाड़ियों के नंबर प्लेट आसानी से कैमरों में कैद हो सकें, इसके लिए पुलिस ने तीन नए कैमरे लगाने के स्थान चिह्नित करने शुरू कर दिए हैं।
लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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