ठेकेदार के मैनेजर की 3 टुकड़ों में मिली लाश, परिवार ने दूसरी पत्नी और साले के खिलाफ दी तहरीर
रविवार रात फाफामऊ रेलवे पुल पर 3 टुकड़ों में मैनेजर का शव मिला। इसके तीन घंटे पहले वह घर से लापता हुए थे। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए उनकी दूसरी पत्नी और साले के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। ठेकेदार के बड़े बेटे का 20 अप्रैल को मुंडन होने वाला था।

UP News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एमईएस के एक ठेकेदार के मैनेजर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रविवार रात फाफामऊ रेलवे पुल पर तीन टुकड़ों में मैनेजर का शव मिला। वह तीन घंटे से घर से लापता थे। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए उनकी दूसरी पत्नी और साले के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। राजीव के बड़े बेटे का 20 अप्रैल को मुंडन होने वाला था। हंसी-खुशी के माहौल में परिवार में इसकी तैयारियों चल रही थीं। इसी बीच ठेकेदार अचानक घर से लापता हुए और रेलवे ट्रैक पर उनकी लाश मिली।
बहरिया थानाक्षेत्र के सिकंदरा के रहने वाले 49 वर्षीय राजीव कुमार मिश्र पुत्र राजेंद्र मिश्र शिवकुटी में लाला की सराय मोहल्ले में पत्नी सरिता और 12 वर्षीय बेटी काव्या के साथ रहते थे। राजीव एमईएस के ठेकेदार नंदन मिश्र के मैनेजर थे। भाई मनोज मिश्र ने बताया कि पत्नी सरिता और दारागंज निवासी साले प्रभाकर दुबे से विवाद के बाद रविवार रात आठ बजे राजीव घर से निकल गए थे। उनकी तलाश की जा रही थी, इसी दौरान शिवकुटी पुलिस ने फाफामऊ रेलवे पुल पर शव मिलने की जानकारी दी।
परिजनों ने बताया कि पहली पत्नी के 2006 में निधन के बाद 2009 में राजीव ने सरिता से दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी से दो बेटे आकाश और छोटू हैं। दोनों रायपुर में रहकर नौकरी करते हैं। दूसरी पत्नी सरिता से बेटी काव्या है। पत्नी सरिता का सम्पत्ति को लेकर राजीव से विवाद होता था। इसमें सरिता का भाई भी मदद करता था। परिजनों का आरोप है कि सरिता ने राजीव पर दबाव बनाकर वाराणसी की जमीन अपने नाम करा ली थी। प्रभारी निरीक्षक शिवकुटी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि तहरीर मिली है, जिसमें हत्या की आशंका जताते हुए पत्नी और साले पर आरोप लगाया गया है। जांच के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।
घर में गम में बदल गई खुशी
राजीव के बड़े बेटे आकाश के बेटे का 20 अप्रैल को मुंडन संस्कार होना था। इसे लेकर परिवार में खुशी का माहौल था। राजीव भी उसी की तैयारियों में जुटे थे। रिश्तेदारों को निमंत्रण बांट रहे थे। उनकी मौत से खुशी का माहौल गम में बदल गया।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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