प्रीपेड मीटर जरूरी नहीं, लेकिन उसके बिना कनेक्शन नहीं देते; UPPCL पर अवमानना का केस दायर
UPPCL Smart Prepaid Meter: यूपी में स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर नई अधिसूचना लागू न करने पर अवमानना याचिका दायर हो गई है। आरोप है कि स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता खत्म होने के बाद भी नए कनेक्शन में प्रीपेड मीटर दिए जा रहे हैं।

UPPCL Smart Prepaid Meter: उत्तर प्रदेश में बिजली के स्मार्ट प्रीपेड मीटर मामले में सोमवार को उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग में उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन के खिलाफ अवमानना याचिका दायर कर दी। याचिका में कहा गया है कि प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता खत्म होने की संशोधित अधिसूचना के बाद भी यूपी में प्रीपेड मीटर के साथ ही नए कनेक्शन दिए जा रहे हैं। यह केंद्रीय कानून का उल्लंघन है।
याचिका में कहा गया है कि अनिवार्य तौर पर प्रीपेड मीटर के साथ नया कनेक्शन देकर पावर कॉरपोरेशन केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) की अधिसूचना और विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 47(5) की व्यवस्था के खिलाफ काम कर रहा है। सीईए की अधिसूचना और विद्युत अधिनियम उपभोक्ताओं को प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर चुनने का विकल्प देते हैं।
वहीं, बीते साल सितंबर के बाद से पावर कॉरपोरेशन ने प्रीपेड मीटर के साथ ही नया कनेक्शन देना अनिवार्य कर दिया है। याचिका में कहा गया है कि नई अधिसूचना एक अप्रैल 2026 को जारी हुई थी। उस अधिसूचना के बाद प्रीपेड मीटर को अनिवार्य बताने वाली अधिसूचना स्वत: समाप्त हो गई। वहीं, पावर कॉरपोरेशन पुरानी और निष्प्रभावी अधिसूचना के आधार पर अब भी प्रीपेड मीटर से ही कनेक्शन दे रहा है।
उपभोक्ताओं का हक मारने वाले अधिकारियों के खिलाफ हो कार्रवाई
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि सीईए की अधिसूचना और विद्युत अधिनियम की व्यवस्था के विपरीत जाकर प्रीपेड मीटर के साथ ही कनेक्शन देने में जुटे अधिकारी उपभोक्ताओं का हक मार रहे हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। नई अधिसूचना के विपरीत हो रहे काम से प्रदेश भर में विषम परिस्थिति खड़ी हो गई है। पावर कॉरपोरेशन की मनमानी से प्रदेश भर में असंतोष है। उपभोक्ता परिषद ने बिना उपभोक्ताओं की सहमति के प्रीपेड मोड में बदले गए 75 लाख स्मार्ट मीटरों को फिर से पोस्टपेड करने और बीते साल सितंबर के बाद से नए कनेक्शन भी पोस्टपेड करने की मांग की है। बिना उपभोक्ता की सहमति के कोई भी मीटर प्रीपेड न किया जाए।
स्मार्ट मीटर को आक्रोश
वहीं आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खिलाफ उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। प्रदेश की महिलाओं ने आज इसको लेकर मोर्चा भी खोल दिया है। लखनऊ और मेरठ में बिजल दफ्तर पर इसको लेकर महिलाओं ने प्रदर्शन किया। लखनऊ में घेराव करते हुए दफ्तर पर ताला मार दिया। महिलाओं ने स्मार्ट मीटर ने घर का बजट गड़बड़ा दिया। वहीं मेरठ में कई महिलाएं घरों से उखाड़कर स्मार्ट मीटर ले आईं।
लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
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