
यूपी में नई दरों पर बिजली कनेक्शन ले सकेंगे उपभोक्ता, कितने देने होंगे मीटर के दाम?
नए कनेक्शन पर पावर कॉरपोरेशन ने मीटर की नई दरें लागू कर दी हैं। 31 दिसंबर को नियामक आयोग ने कनेक्शन की नई दरें तय करने के लिए कॉस्ट डाटा बुक को मंजूरी देते हुए मीटर के दाम 2800 रुपये तय किए थे।
नए कनेक्शन पर पावर कॉरपोरेशन ने मीटर की नई दरें लागू कर दी हैं। 31 दिसंबर को नियामक आयोग ने कनेक्शन की नई दरें तय करने के लिए कॉस्ट डाटा बुक को मंजूरी देते हुए मीटर के दाम 2800 रुपये तय किए थे। आयोग द्वारा दरें तय किए जाने के बाद भी 10 जनवरी तक मीटर के लिए 6016 रुपये लिए जा रहे थे। मीटर के दाम कम होने से एक व दो किलोवॉट का कनेक्शन 6400 रुपये मिल रहा था, वह अब 3198 रुपये में मिलने लगा है। हालांकि, कॉस्ट डाटा बुक की दरें पूरी तरह लागू होने के बाद इस दाम में अभी कुछ बदलाव होगा। थ्री फेस स्मार्ट मीटर का दाम 4100 रुपये होगा।
लखनऊ में दुबग्गा निवासी गीता देवी को एक किलोवॉट का कनेक्शन देते वक्त मीटर का दाम 2800 रुपये लिया गया। इसी प्रकार वसीम अहमद ने बिजनौर में दो किलोवॉट का कनेक्शन लेने के लिए कुल 3198 रुपये भुगतान किया। उनके बिल में भी मीटर की दर 2800 रुपये थी। इसके अतिरिक्त स्मार्ट मीटर में उपभोक्ताओं से वसूली जा रही सिक्योरिटी की रकम की भी वसूली बंद हो गई है। पहले स्मार्ट प्रीपेड उपभोक्ताओं से यह रकम नियम विरुद्ध ली जा रही थी।
पावर कॉरपोरेशन को वापस करने होंगे 116 करोड़
बिना आयोग से मीटर के दामों की मंजूरी के पावर बिजली कंपनियां सिंगल फेज मीटर का 6016 रुपये वसूल रही थीं। 10 सितंबर 2025 से 11 जनवरी 2026 तक यही दरें लागू थीं, जबकि 31 दिसंबर 2025 को नियामक आयोग ने मीटर के दाम 2800 रुपये तय कर दिए थे। 10 सितंबर से 11 जनवरी के बीच लगभग 3,59,261 नए कनेक्शन के लिए इस्टीमेट जमा किए गए। अतिरिक्त वसूली गई रकम तकरीबन 116 करोड़ रुपये है। ऐसे में पावर कॉरपोरेशन को यह रकम उपभोक्ताओं के बिल में समायोजित करनी होगी या उन्हें वापस करना होगा।
गैर विद्युतीकृत क्षेत्रों में भी खत्म हो इस्टीमेट व्यवस्था
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि कॉस्ट डाटा बुक में 150 किलोवॉट और 300 मीटर तक के कनेक्शन बिना इस्टीमेट के देने के आदेश दिए गए थे। हालांकि यह अभी केवल विद्युतीकृत क्षेत्रों के लिए ही प्रभावी है। उन्होंने कहा कि आयोग से मांग की जाएगी कि आदेश को विद्युतीकृत और अविद्युतीकृत यानी दोनों क्षेत्रों में लागू किया जाए।





