20 फीट गहरी सुरंग में फंसे युवक की सिपाही ने बचाई जान; यूपी पुलिस का साहसिक रेस्क्यू
बलरामपुर के सादुल्लानगर के नेवादा गांव में जर्जर मिट्टी के मकान के भीतर 15-20 फीट गहरी सुरंगनुमा गड्ढे में फंसे युवक रामविलास को पुलिस ने साहसिक रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला। वक्त पर सीपीआर और प्राथमिक उपचार मिलने से उसकी हालत स्थिर है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।
बलरामपुर के सादुल्लानगर थाना क्षेत्र के नेवादा गांव में शनिवार शाम एक साहसिक रेस्क्यू अभियान के दौरान पुलिस ने 15 से 20 फीट गहरी सुरंगनुमा गड्ढे में फंसे युवक की जान बचा ली। अर्ध-क्षतिग्रस्त मिट्टी के मकान के भीतर बने इस गड्ढे में युवक के फंसने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और अपनी जान जोखिम में डालकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। प्राथमिक उपचार और समय पर सीपीआर मिलने से उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
जानवर की खोदी सुरंग में फंसा युवक
पुलिस के अनुसार शनिवार शाम करीब 6:30 बजे सूचना मिली कि थाना क्षेत्र के ग्राम नेवादा निवासी रामविलास (35) पुत्र राम बहादुर अपने पुराने और जर्जर मिट्टी के मकान के अंदर किसी अज्ञात जंगली जानवर द्वारा बनाई गई करीब 15-20 फीट गहरी सुरंगनुमा गड्ढे में फंस गए हैं। सुरंग के ऊपर भारी मलबा होने से किसी भी समय ढहने का खतरा बना हुआ था, जिससे स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी।
सुरंग में फंसे युवक की सिपाही ने बचाई जान
सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष सत्येंद्र वर्मा ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू शुरू कराया। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय एवं क्षेत्राधिकारी उतरौला डॉ. जितेंद्र कुमार के पर्यवेक्षण में अभियान चलाया गया। रेस्क्यू के दौरान सुरंग के मुहाने से आवाज लगाने पर मलबे के नीचे से हल्की सांसों और सुगबुगाहट की आवाज सुनाई दी। इसके बाद हेड कांस्टेबल अमजद खान ने साहस का परिचय देते हुए संकरी और जोखिम भरी सुरंग के भीतर प्रवेश किया। उन्होंने अन्य पुलिसकर्मियों के सहयोग से सावधानीपूर्वक मिट्टी और मलबा हटाते हुए रामविलास तक पहुंच बनाई और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
समय पर मिला सीपीआर, युवक की हालत स्थिर
बाहर निकालने के बाद पुलिस टीम ने खुले स्थान पर लिटाकर युवक के हाथ-पैर और चेहरे को साफ किया तथा तत्काल सीपीआर देकर प्राथमिक उपचार शुरू किया। इसके बाद सरकारी एंबुलेंस से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सादुल्लानगर भेजा गया। चिकित्सकों ने बताया कि समय पर रेस्क्यू और सीपीआर मिलने से रामविलास की हालत अब स्थिर है और वह खतरे से बाहर हैं। इस सफल रेस्क्यू अभियान में थानाध्यक्ष सत्येंद्र वर्मा, उपनिरीक्षक दुर्गेश तिवारी, कांस्टेबल उमेश पासवान, हेड कांस्टेबल अमजद खान तथा कांस्टेबल हरि गोविंद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम की तत्परता, साहस और सूझबूझ की स्थानीय लोगों एवं जनप्रतिनिधियों ने सराहना की।


