
एसआईआर को लेकर कांग्रेस ने की बड़ी तैयारी, यूपी में बनाए 1400 प्रभारी
मतदाता सूची की गड़बड़ियां दूर करने के लिए निर्वाचन आयोग SIR करवा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि इसके बहाने मतदाताओं के नाम काटे जाएंगे। कांग्रेस इसी कवायद में जुट रही है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम निर्वाचन सूची से न कटे और गलत अपात्र मतदाताओं के नाम काटे जाएं।
UP SIR: विशेष गहन पुनरीक्षण (एआईआर) के लिए यूपी कांग्रेस ने कमर कस ली है। प्रदेश की 403 विधानसभा क्षेत्रों में 1400 से ज्यादा प्रभारी तैनात किए गए हैं। हर विधान सभा क्षेत्र में इनकी संख्या तीन से पांच के बीच है। बीते छह महीने से तैयार हो रहे पांच स्तरीय जिला संगठन की पहली बड़ी परीक्षा भी एसआईआर बनेगी।
मतदाता सूची की गड़बड़ियां दूर करने के लिए निर्वाचन आयोग एसआईआर करवा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि इसके बहाने मतदाताओं के नाम काटे जाएंगे। कांग्रेस इसी कवायद में जुट रही है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम निर्वाचन सूची से न कटे और गलत अपात्र मतदाताओं के नाम काटे जाएं। कांग्रेस की कोशिश नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जुड़वाने की भी है। कांग्रेस ने इस कवायद में तेजी लानी शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक मंडल स्तर तक तैयार हुए संगठन को इस पूरी कवायद में जुटा दिया गया है। इसके अलावा हर विधान सभा क्षेत्र के प्रभावी लोगों को उनके निर्वाचन क्षेत्र में एसआईआर का प्रभारी बनाया गया है।
प्रदेश स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम के प्रभारी संजय दीक्षित कहते हैं कि एसआईआर की प्रक्रिया में कोई भी पात्र मतदाता निर्वाचन लिस्ट में शामिल होने से वंचित न रह जाए, इसके लिए कांग्रेस सघन निगरानी में जुटी है। सभी प्रभारियों और जिला इकाइयों को इसके निर्देश दिए जा चुके हैं। हर विधानसभा के प्रभावी लोग, जिनको पार्टी संभावित उम्मीदवार के तौर पर देख रही है, को इस काम में लगाया गया है। हम अब तक 8000 में से 5000 से ज्यादा मंडल कमेटियां बना चुके हैं। हर 15-20 बूथ पर एक मंडल का गठन किया गया है। इन्हें भी सघन तौर पर मतदाता सूची की निगरानी के लिए निर्देश दिए गए हैं।
हर दिन देनी होगी रिपोर्ट
एसआईआर की प्रक्रिया में हर दिन प्रभारियों और नोडल को निर्देश देने के निर्देश दिए गए हैं। सभी को निर्देश हैं कि वे हर दिन बीएलओ द्वारा सौंपे जा रहे प्रपत्रों का मिलान करें। बूथों पर पात्र और अपात्र मतदाताओं की संख्या का मिलान करें। इसकी सूचना बीएलओ को तो दें ही, साथ ही मुख्यालय को भी सूचित करें कि उनके क्षेत्र में मतदाताओं के परीक्षण की क्या स्थिति है।





