
यूपी में प्राइमरी शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर असमंजस खत्म, शासन ने स्पष्ट की स्थिति
शिक्षक का स्थानांतरण उसी जिले या क्षेत्र में होगा, जैसा कि पहले से लागू स्थानांतरण नियमावली में तय है। इससे स्पष्ट है कि मनमाने तरीके से या नियमों के बाहर स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। इस फैसले के बाद परिषदीय शिक्षकों में फैली भ्रम की स्थिति अब समाप्त हो गई है।
Primary School Teacher Transfer : परिषदीय शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर लंबे समय से चली आ रही असमंजस की स्थिति अब पूरी तरह साफ हो गई है। आनंद कुमार सिंह उप सचिव उत्तर प्रदेश शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षकों का स्थानांतरण केवल पहले से निर्धारित नियमों के तहत ही किया जाएगा। इसके लिए किसी नए नियम या व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से आए एक प्रकरण के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने पूरे मामले की समीक्षा की। जांच में यह तथ्य सामने आया कि स्थानांतरण कोई शिक्षक का अधिकार नहीं, बल्कि प्रशासनिक आवश्यकता के आधार पर लिया जाने वाला निर्णय होता है। पत्र में यह भी साफ किया गया है कि शिक्षक का स्थानांतरण उसी जिले या क्षेत्र में होगा, जैसा कि पहले से लागू स्थानांतरण नियमावली में तय है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि मनमाने तरीके से या नियमों के बाहर स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। इस फैसले के बाद परिषदीय शिक्षकों में फैली भ्रम की स्थिति अब समाप्त हो गई है और सभी को नियमों के अनुसार ही अपने स्थानांतरण को लेकर भरोसा रखना होगा।
1700 पदों पर भर्ती को 10 दिसंबर से आवेदन संभावित
वहीं, प्रदेश के परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान और गणित विषय के 29,334 सहायक अध्यापक पदों पर चल रही बहुप्रतीक्षित भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर तेज हो गई है। रिक्त पड़े 1700 से अधिक पदों पर दस दिसंबर से ऑनलाइन आवेदन संभावित है। आपत्तियों के निस्तारण के बाद 545 नए अभ्यर्थियों के नाम जोड़ते हुए संशोधित सूची जारी कर दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी 2025 को आदेश दिया था कि इस भर्ती में न्यूनतम कटऑफ से अधिक अंक प्राप्त करने वाले उन सभी अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए, जिन्होंने 31 दिसंबर 2019 से पहले याचिका दायर की थी। इसके अनुपालन में शासन के उपसचिव आनंद कुमार सिंह ने 19 जुलाई 2025 को चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद बेसिक शिक्षा परिषद ने 30 अक्तूबर 2025 को 2048 याचिकाकर्ता अभ्यर्थियों की सूची जारी की थी। जिन अभ्यर्थियों के नाम सूची में शामिल नहीं थे, उनसे 12 नवंबर तक ऑनलाइन प्रत्यावेदन मांगे गए थे। परिषद को कुल 1321 प्रत्यावेदन प्राप्त हुए, जिनकी जांच के बाद 545 अभ्यर्थियों का नाम संशोधित सूची में जोड़ दिया गया। अब जल्द ही राज्य स्तरीय मेरिट सूची जारी कर जिलों में उपलब्ध रिक्तियों के अनुसार जिला आवंटन किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी कर 30 दिसंबर तक कार्यभार ग्रहण कराने की तैयारी है।





