सीएम योगी का जीरो टॉलरेंस; वक्फ संपत्तियों, छात्रों के स्कॉलशिप को लेकर अल्पसंख्यक अधिकारी सस्पेंड

Yogesh Yadav लखनऊ, विशेष संवाददाता
share

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए मेरठ के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रुहेल आजम को निलंबित कर दिया है। रुहेल आजम पर वक्फ संपत्तियों को बेचने, छात्रवृत्ति घोटाले और सरकारी धन के गबन के गंभीर आरोप हैं।

सीएम योगी का जीरो टॉलरेंस; वक्फ संपत्तियों, छात्रों के स्कॉलशिप को लेकर अल्पसंख्यक अधिकारी सस्पेंड

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ अपनी 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति को एक बार फिर दोहराया है। शासन ने मेरठ और बागपत जिलों में वक्फ संपत्तियों को अवैध रूप से खुर्द-बुर्द करने, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति (Scholarship) योजनाओं में भारी शासकीय व वित्तीय अनियमितता बरतने और सरकारी धन के गबन व फर्जीवाड़े के गंभीर आरोपों में मेरठ के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रुहेल आजम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शासन द्वारा जारी आधिकारिक निलंबन आदेश के मुताबिक, रुहेल आजम निलंबन की इस पूरी अवधि में लखनऊ स्थित अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय से संबद्ध रहेंगे।

दस्तावेज छिपाए और थाने में दर्ज कराई फाइलें चोरी होने की झूठी FIR

यह पूरा मामला वर्ष 2012 से 2017 की अवधि का है, जब रुहेल आजम पर विभिन्न योजनाओं में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। इन आरोपों की गहराई से जांच करने के लिए पिछले साल मेरठ के मंडलायुक्त (Commissioner) ने एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया था। जब जांच समिति ने रुहेल आजम से उस समयावधि से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और पत्रावलियां मांगीं, तो उन्होंने सहयोग करने के बजाय टालमटोल शुरू कर दी।

Voice of UP

शासन और प्रशासन की सख्ती के बावजूद उन्होंने समिति को भ्रामक और गलत सूचनाएं उपलब्ध कराईं। हद तो तब हो गई जब रुहेल ने जांच समिति को लिखित में यह बहाना बना दिया कि कार्यालय का मुख्य डिस्पैच रजिस्टर ही गुम हो गया है। खुद को निर्दोष साबित करने और जांच भटकाने के लिए उन्होंने थाने में कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ फाइलें चोरी होने की झूठी एफआईआर (FIR) भी दर्ज करा दी थी।

EOW की जांच में खुली पोल, अपनी ही अलमारी से बरामद हुईं गोपनीय फाइलें

इस महाघोटाले की समानांतर जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) भी कर रही थी। रुहेल आजम ने ईओडब्ल्यू को भी गुमराह करने का पूरा प्रयास किया और बिंदुवार मांगी गई सूचनाओं पर फाइलें गायब होने का पुराना राग अलापते रहे। हालांकि, जब जांच एजेंसियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए उनके दफ्तर पर दबिश दी, तो वही कथित तौर पर 'गुमशुदा' फाइलें रुहेल आजम के खुद के कार्यालय की सरकारी अलमारी से सकुशल बरामद कर ली गईं। फाइलें जब्त होने के बाद रुहेल के पास कोई रास्ता नहीं बचा और उन्होंने शासन को दिए गए अपने अंतिम स्पष्टीकरण में खुद स्वीकार किया कि अलमारी से बरामद हुई सभी फाइलें उनकी पूरी जानकारी में थीं।

जांच प्रभावित करने और साक्ष्य मिटाने के दोषी, मिलेगा कड़ा दंड

अल्पसंख्यक अधिकारी की इस कबूलनामा रिपोर्ट के बाद यह पूरी तरह साफ हो गया कि उन्होंने जानबूझकर जांच को बाधित करने, साक्ष्य मिटाने और सरकारी फाइलों को छुपाने की सोची-समझी साजिश रची थी। शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पाया कि रुहेल आजम ने न केवल करोड़ों के छात्रवृत्ति घोटाले और वक्फ संपत्तियों की हेराफेरी में मुख्य भूमिका निभाई, बल्कि जांच को प्रभावित करने का भी घोर अपराध किया है। उत्तर प्रदेश शासन ने उन्हें वृहद दंड (Major Penalty) दिए जाने का पर्याप्त औचित्य पाते हुए सस्पेंड कर विभागीय जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं।

Yogesh Yadav

लेखक के बारे में

Yogesh Yadav

योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।