'इनोवेट इन यूपी, स्केल फॉर द वर्ल्ड' के विजन से यूपी बनेगा देश का डीप टेक कैपिटल: सीएम योगी

Dinesh Rathour लखनऊ, विशेष संवाददाता
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सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में निर्देश दिए कि 'इनोवेट इन यूपी, स्केल फॉर द वर्ल्ड' के विजन के साथ प्रदेश को देश का 'डीप टेक कैपिटल' बनाने की दिशा में ठोस, परिणामोन्मुखी और समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

'इनोवेट इन यूपी, स्केल फॉर द वर्ल्ड' के विजन से यूपी बनेगा देश का डीप टेक कैपिटल: सीएम योगी

Lucknow News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में निर्देश दिए कि 'इनोवेट इन यूपी, स्केल फॉर द वर्ल्ड' के विजन के साथ प्रदेश को देश का 'डीप टेक कैपिटल' बनाने की दिशा में ठोस, परिणामोन्मुखी और समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन, साइबर सिक्योरिटी और मेड-टेक जैसे उभरते क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश को अग्रणी बनाने पर बल देते हुए शोध और उद्योग के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि नवाचारों का बड़े स्तर पर व्यावहारिक उपयोग सुनिश्चित हो और रोजगार सृजन को गति मिले।

बैठक में आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मनींद्र अग्रवाल द्वारा विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया। बताया गया कि मेड-टेक के क्षेत्र में गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अभिनव तकनीकी समाधान विकसित किए जा रहे हैं। इस संबंध में प्रस्ताव चिकित्सा शिक्षा विभाग को प्रेषित किया जा चुका है। यह संस्थान नवंबर में प्रारम्भ होना प्रस्तावित है।

ऊर्जा भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री ने ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को प्रदेश के ऊर्जा भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उत्पादन, भंडारण, परीक्षण, सुरक्षा मानकों एवं औद्योगिक उपयोग के सभी आयामों पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में आयुर्वेद के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त क्लिनिकल वैलिडेशन के लिए देश के पहला संस्थागत केंद्र स्थापित करने पर भी विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस केंद्र के माध्यम से आयुर्वेदिक औषधियों के वैज्ञानिक प्रमाणीकरण, शोध आधार निर्माण, प्रयोगशाला विकास तथा हर्बल संसाधनों के संरक्षण एवं उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

यूपी को स्वदेशी ड्रोन एवं अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को स्वदेशी ड्रोन निर्माण एवं अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनाया जाए। उन्होंने रक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए ड्रोन तकनीक में व्यापक स्वदेशीकरण सुनिश्चित करने के प्रयासों को गति देने पर बल दिया। क्वांटम टेक्नोलॉजी को भविष्य की परिवर्तनकारी तकनीक बताते हुए मुख्यमंत्री ने इसके लिए राज्य स्तर पर आवश्यक संसाधन जुटाने और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए, ताकि जटिल समस्याओं के समाधान के लिए उन्नत शोध एवं नवाचार को बढ़ावा मिल सके।स्टार्टअप इकोसिस्टम पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नवाचार की संस्कृति को और सशक्त बनाया जाए। बैठक में बताया गया कि आईआईटी कानपुर में विकसित स्टार्टअप इकोसिस्टम के तहत बड़ी संख्या में स्टार्टअप्स इनक्यूबेट किए गए हैं, जिन्हें वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त हुई है। साथ ही स्टार्टअप्स को पेटेंट सहायता प्रदान कर नवाचारों को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

यूपी डीप-टेक हब प्रदेश के तकनीकी विकास का केंद्रीय प्लेटफॉर्म

मुख्यमंत्री ने नोएडा में प्रस्तावित 'यूपी डीप-टेक हब' को प्रदेश के तकनीकी विकास का केंद्रीय प्लेटफॉर्म बताते हुए निर्देश दिए कि यहां डीप-टेक स्टार्टअप्स, शोध संस्थानों और उद्योगों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएं। उन्होंने आईआईटी कानपुर में अनुसंधान, नोएडा से विस्तार और तैनाती” के मॉडल को प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल दिया। बैठक में यह भी बताया गया कि साइबर सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी ट्रांसलेशन रिसर्च पार्क के माध्यम से प्रदेश में उन्नत साइबर सुरक्षा समाधान विकसित किए जा रहे हैं, जिससे राज्य की डिजिटल अवसंरचना को और सुदृढ़ किया जा सके। मुख्यमंत्री ने सभी प्रस्तावित परियोजनाओं पर विभागीय समन्वय के साथ त्वरित निर्णय लेते हुए उन्हें समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाए, ताकि उत्तर प्रदेश तकनीकी नवाचार और डीप-टेक विकास के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन सके।

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लेखक के बारे में

Dinesh Rathour

दिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका (डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।

पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी है।

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