
यूपी में अग्निवीरों के लिए आयु सीमा में छूट और आरक्षण ; 4,061 करोड़ का प्रोत्साहन भी: सीएम योगी
संक्षेप: सीएम योगी ने कहा कि सेना में अग्निवीर के रूप में कार्य कर चुके जवानों को यूपी पुलिस भर्ती में वरीयता मिल रही है। पुलिस व पीएसी आरक्षी, घुडसवार व फायरमैन पदों पर भर्ती में आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट और 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण मिलेगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2026 और उसके बाद सेवानिवृत्त होने वाले अग्निवीरों को राज्य पुलिस में कांस्टेबल, घुड़सवार कांस्टेबल और फायरमैन के पदों पर सीधी भर्ती में पूर्व सैनिकों के समान तीन साल की आयु सीमा में छूट और 20% क्षैतिज आरक्षण मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पुलिस विभाग के लिए कुल 4,061.87 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें डायल-112 वाहनों के लिए 210 करोड़ रुपये, आधुनिक उपकरणों के लिए 272.75 करोड़ रुपये और पुलिस आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत 53.88 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अलावा, राज्य निधि से 317 निर्माण परियोजनाओं के लिए 900 करोड़ रुपये से अधिक आवंटित किए गए हैं, जिनमें से 635 करोड़ रुपये की लागत से 140 परियोजनाएं पहले ही पूरी हो चुकी हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर तीन शहीद पुलिस कर्मियों के परिजनों को सम्मानित किया। शोक परेड की सलामी भी ली। कार्यक्रम में योगी ने कहा कि इन शहीद पुलिस कर्मियों ने अपने शौर्य व साहस से यह सिद्ध किया है कि उप्र पुलिस का हर जवान देश व समाज की सुरक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान देने में पीछे नहीं हटता।
राजधानी स्थित रिर्जव पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी के लिए नई पुलिस तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। हमारी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दुर्दांत अपराधियों व माफियाओं पर शिकंजा कस रही है और इसके साथ ही साइबर अपराधियों पर भी नकेल कसी जा रही है। 60 हजार नवनियुक्त आरक्षियों को हाईब्रिड प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह एआई के प्रयोग की बारीकियां सीख रहे हैं और यह साइबर अपराधियों से निपटने में भी दक्ष होंगे। हर जिले में साइबर थाना खोला जा रहा है। साइबर अपराध से बचने के लिए 1930 हेल्पलाइन नंबर की सेवाएं बेहतर की गई हैं।
अभी तक हर महीने 40 हजार कॉल रिसीव करने की क्षमता थी और अब इसे बढ़ाकर 1.60 लाख कॉल प्रति माह कर दिया गया है। 1930 हेल्पलाइन सेंटर को बेहतर बनाया गया है। लोगों के कुल 39 करोड़ रुपये साइबर अपराधियों से बचाए गए। वहीं बीते एक जून से 15 अगस्त तक साइबर फ्राड से 10 करोड़ रुपये लोगों के बचाए गए। पुलिस को अत्याधुनिक हथियारों व सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।
योगी ने कहा कि 28154 पुलिस कर्मियों की भर्ती चल रही है और 2391 पुलिस कर्मियों को पदोन्नति देने की प्रक्रिया भी चल रही है। बीते आठ वर्षों में 2.19 लाख पुलिस कर्मियों की भर्ती की गई, जिसमें 34 हजार महिला पुलिस कर्मी हैं। 1.52 लाख पुलिस कर्मियों को पदोन्नति दी गई है।
257 दुर्दांत अपराधी मारे गए, जब्त की 14467 करोड़ की संपत्ति
बीते आठ वर्षों में हमारी सरकार में यूपी पुलिस ने अपराधियों व माफियाओं पर प्रभावी शिकंजा कसा है। अपराध व अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अब तक 15 हजार मुठभेड़ में 257 दुर्दांत अपराधी मारे गए और एक हजार घायल हुए। वहीं हमारे 18 जवान अपने साहस व शौर्य का पराक्रम दिखाते हुए शहीद हुए हैं। 26930 अपराधियों पर गैंगस्टर व 961 के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई की गई। कुल 14467 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति भी जब्त की गई है। महिला सुरक्षा पर विशेष बल दिया जा रहा है।
बढ़ाया गया इंफ्रास्ट्रक्चर व बजट
योगी ने कहा कि पुलिस में 31968 पदों का सृजन किया गया। 130 नए थाने व 17 महिला थानों के साथ हर जिले में एक साइबर थाना खोला गया। पुलिस विभाग के बजट में चार प्रतिशत की बढ़ोत्तरी इस वर्ष की गई है। 40661 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। 477 करोड़ रुपये मोटर गाड़ी खरीदने को दिए गए हैं जो पिछले वर्षों से 32 प्रतिशत ज्यादा है। डायल 112 को 210 करोड़ रुपये दिए गए। 53.88 करोड़ रुपये आधुनिक पुलिसिंग के लिए। 317 निर्माण कार्यों के लिए 963 करोड़ रुपये दिए गए हैं। अब तक 633 करोड़ रुपये के 140 निर्माण कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जिसमें पुलिस थाने, चौकी, अग्निशमन केंद्र, बैरक व पुलिस लाइन में ट्रांजिस्ट हॉस्टल बनाए जा चुके हैं। सीबीसीआईडी का नाम बदलकर सीआईडी किया गया।
इन शहीद पुलिस कर्मियों ने बढ़ाया मान
20 जनवरी 2025 की रात एसटीएफ के निरीक्षक व दलनायक सुनील कुमार एक लाख के इनामी अपराधी अरशद की तलाश में निकले थे। शामली के बिडौली चैसाना चौराहे पर घेराबंदी की। बदमाशों ने उदयपुर भट्टे के पास पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। गोलियों की बौछार के बीच निरीक्षक सुनील कुमार को कई गोलियां लगीं लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और जवाबी कार्रवाई की। जिसमें चार बदमाश घायल हुए जिनकी बाद में मौत हो गई। सुनील कुमार भी गंभीर रूप से घायल हुए उनका उपचार कराया गया लेकिन 22 जनवरी 2025 को वह वीरगति को प्राप्त हो गए।
शहीद मुख्य आरक्षी दुर्गेश कुमार सिंह ने गो-तस्करों से लिया लोहा
जौनपुर के चंदवक थाने में तैनात इंस्पेक्टर के साथ मुख्य आरक्षी व अन्य पुलिस कर्मी 12 मई 2025 को तहसील दिवस खत्म होने के बाद गो-तस्करों की तलाश में जा रहे थे। गो-तस्करों से मुठभेड़ हो गई। रोकने का प्रयास किया तो बदमाश उन पर जीप चढ़ाकर भाग गए। दुर्गेश की वाराणसी के मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई।
बदमाश कादिर से मुठभेड़ में आरक्षी सौरभ हुए शहीद
गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट में तैनात आरक्षी सौरभ कुमार सब इंस्पेक्टर सचिन राठी व अन्य पुलिस कर्मियों के साथ 25 फरवरी 2025 को गाजियाबाद में बदमाश कादिर की तलाश में गए थे। इस दौरान पुलिस से कादिर की मुठभेड़ हो गई। जिसमें गोली लगने से आरक्षी सौरभ की मौत हो गई।





