
देश में दो नमूने, एक दिल्ली तो दूसरे लखनऊ में बैठते हैं; CM योगी का तीखा हमला, सपा का हंगामा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके मुखिया अखिलेश यादव का बिना नाम लिए अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि देश में राजनीति के दो नमूने हैं। जब भी देश में किसी गंभीर मुद्दे पर चर्चा शुरू होती है, ये दोनों देश छोड़कर भाग जाते हैं।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कोडीन कफ सिरप के मुद्दे पर मचे घमासान के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके मुखिया अखिलेश यादव का बिना नाम लिए अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि देश में राजनीति के दो नमूने हैं। एक दिल्ली में बैठते हैं और दूसरे लखनऊ में। जब भी देश में किसी गंभीर मुद्दे पर चर्चा शुरू होती है, ये दोनों देश छोड़कर भाग जाते हैं। अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मुझे लगता है आपके 'बबुआ' (अखिलेश) के साथ भी यही हो रहा होगा, वह फिर से इंग्लैंड की सैर-सपाटे पर निकल जाएंगे और आप लोग यहां सदन में चिल्लाते रह जाएंगे।
सीएम योगी ने भले ही किसी का नाम नहीं लिया लेकिन सपा ने इसे अखिलेश यादव से जोड़ते हुए हंगाामां शुरू कर दिया। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद ने कहा कि सीएम योगी की वाणी ऐसी निकलती है कि जो उनके अनुरूप नहीं रहता है। अभी आपने कहा कि दो नमूने हैं। इस पर स्पीकर ने टोका कि सीएम ने किसी का नाम नहीं लिया तो आप अपने आप को क्यों समझते हैं। यह भी कहा कि कोई नमूना नहीं है। लेकिन सपा विधायक संतुष्ट नहीं हुए। हंगामा करते हुए सदन से वाक आउट कर गए। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने भी कहा कि मुख्यमंत्री ने किसी का नाम नहीं लिया है।
सपा नेता के खाते से हुआ करोड़ों का 'ग़ैरक़ानूनी लेनदेन'
मुख्यमंत्री ने कोडीन कांड की परतों को खोलते हुए गंभीर खुलासे किए। उन्होंने बताया कि इस काले कारोबार में लोहिया वाहिनी के एक बड़े नेता का नाम सामने आया है, जिसके बैंक खाते से अवैध लेनदेन के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। सीएम ने कहा, "एसटीएफ इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, समाजवादी पार्टी के कई चेहरों से नकाब उतरेगा।
2016 में सपा सरकार ने ही दिया था लाइसेंस
विपक्ष के शोर-शराबे के बीच मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि जिस बड़े होलसेलर को एसटीएफ ने सबसे पहले पकड़ा था, उसे 2016 में समाजवादी पार्टी की सरकार ने ही लाइसेंस जारी किया था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस सिरप का उत्पादन (प्रोडक्शन) नहीं होता, यहाँ केवल स्टॉकिस्ट और होलसेलर हैं। मौत के जो भी मामले आए हैं, वे तमिलनाडु में बने सिरप से अन्य राज्यों में हुए हैं।
पढ़ाई-लिखाई से वास्ता नहीं, इसलिए चिल्लाते हैं
सपा विधायकों के हंगामे पर चुटकी लेते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चूंकि पढ़ाई-लिखाई से आपका कोई वास्ता है नहीं, इसलिए आप बस चिल्लाते रहते हैं। उन्होंने समझाया कि यह मामला नकली दवा का नहीं, बल्कि 'इल्लीगल डायवर्जन' का है। इन होलसेलर्स ने सिरप को उन राज्यों और देशों में पहुंचाया जहाँ शराबबंदी (मद्यनिषेध) है, ताकि नशे के आदी लोग इसका गलत इस्तेमाल कर सकें।
मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा की गई कार्रवाई का पूरा कच्चा चिट्ठा सदन में रखते हुए कहा कि अब तक 79 अभियोग दर्ज किए गए। 225 अभियुक्त नामजद हुए, जिनमें से 78 की गिरफ्तारी हो चुकी है। कुल 134 फर्मों पर छापेमारी की गई है। अंत में मुख्यमंत्री ने 'ऐक्शन' मोड में आते हुए चेतावनी दी, कहा कि यूपी सरकार ने हाईकोर्ट में यह मामला जीत लिया है कि कोडीन के अवैध कारोबार पर NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। समय आने पर इन अपराधियों के खिलाफ बुलडोजर ऐक्शन की भी तैयारी रहेगी, उस समय मानवाधिकार के नाम पर चिल्लाना मत।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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