यूपी में नए मंत्रियों के विभागों पर फंसा पेच सुलझा? सीएम योगी की अमित शाह और नितिन नवीन से मुलाकात
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात कर नए मंत्रियों के विभागों के बंटवारे का मुद्दा सुलझा लिया है। अब जल्द ही नए मंत्रियों के पोर्टफोलियो की घोषणा होने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब मंत्रियों को विभागों के आवंटन की घड़ी नजदीक आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को दिल्ली का दौरा कर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। करीब एक घंटे तक चली इन बैठकों में न केवल नए मंत्रियों के विभागों पर सहमति बनी, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव और संगठन में होने वाले बदलावों पर भी गहन मंथन हुआ।
विभागों के बंटवारे पर अंतिम मुहर
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री की अमित शाह के साथ मुलाकात का मुख्य एजेंडा मंत्रिमंडल में शामिल किए गए भूपेंद्र सिंह चौधरी, मनोज कुमार पांडेय और कृष्णा पासवान जैसे दिग्गजों को दिए जाने वाले विभागों का निर्धारण था। 10 मई को हुए विस्तार में कुल छह नए चेहरों को जगह मिली थी। चर्चा है कि संगठन से सरकार में आए भूपेंद्र चौधरी को कोई भारी-भरकम विभाग मिल सकता है, वहीं सपा छोड़कर आए मनोज पांडेय के कद के अनुरूप मंत्रालय पर भी पेंच फंसा था। माना जा रहा है कि दिल्ली दरबार में इन नामों और विभागों की सूची पर अंतिम मुहर लग गई है और अगले 48 घंटों के भीतर राजभवन से पोर्टफोलियो की आधिकारिक घोषणा हो सकती है।
नितिन नवीन के साथ मिशन-2027 पर चर्चा
अमित शाह के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पार्टी मुख्यालय पहुंचकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से लंबी चर्चा की। नितिन नवीन ने जनवरी 2026 में ही पार्टी की कमान संभाली है, ऐसे में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बिठाना उनकी प्राथमिकता है। इस बैठक में उत्तर प्रदेश के रिक्त पड़े निगमों और आयोगों में नियुक्तियों को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने आगामी स्थानीय निकाय चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए तैयार की गई 'रोडमैप' की जानकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ साझा की।
संगठन में होगा बड़ा फेरबदल?
दिल्ली की इस बैठक के बाद उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन में भी बड़े फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री और नितिन नवीन के बीच यूपी की नई सांगठनिक टीम के गठन पर भी बातचीत हुई। सूत्रों का कहना है कि पार्टी कुछ नए चेहरों को प्रदेश पदाधिकारी बनाकर क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कोशिश करेगी। इसके साथ ही, मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए नए 'वार रूम' की रणनीति पर भी विचार किया गया।
चुनाव पूर्व बड़ी तैयारी
दिल्ली में हुई इन बैठकों का सीधा संदेश है कि भाजपा 2027 के लिए कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है। मंत्रीमंडल में नए मंत्रियों को शामिल करना अखिलेश यादव के पीडीए से निबटने की रणनीति का ही हिस्सा कहा गया है। विभागों के बंटवारे के बाद सभी मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय होंगे, जिससे सरकार की छवि को और मजबूत किया जा सके।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


