सीएम योगी की सुरक्षा में बड़ी चूक, पास के साथ वीआईपी गैलरी तक पहुंचा संदिग्ध व्यक्ति
CM Yogi security lapse: यूपी में बस्ती के दौरे के दौरान सीएम योगी की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। यहां एक संदिग्ध व्यक्ति गले में पास लटकाए वीआईपी गैलरी तक पहुंच गया। जबकि वीआईपी पास वालों की सूची में उसका नाम तक नहीं था।

CM Yogi security lapse: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बस्ती दौरे के दौरान सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आ रहा है। एक व्यक्ति खास लोगों को जारी होने वाला पास गले में लटकाए वीआईपी गैलरी तक पहुंच गया। जबकि जिन लोगों को पास जारी किए गए थे, उनकी सूची में उसका नाम नहीं था। जिलाध्यक्ष और विधायक की भेजी गई सूची पर ही प्रशासन पास जारी करता है। सूची में उसका नाम नहीं होने और पास लेकर वीआईपी गैलरी तक उसके पहुंचने से जिलाध्यक्ष भी हैरान है। सूची में नाम नहीं होने पर भी वीआईपी पास के साथ कार्यक्रम में एंट्री ने सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र पर सवाल खड़ा कर दिया है।
परसरामपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले इस व्यक्ति पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। सोशल मीडिया पर संदिग्ध की वायरल तस्वीर में उसके गले में एक वीआईपी पास दिख रहा है। तस्वीर में मुख्यमंत्री भी नजर आ रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि उस व्यक्ति के नाम पर कोई पास जारी ही नहीं हुआ है। नियमानुसार वीआईपी पास भाजपा जिलाध्यक्ष और स्थानीय विधायक की सिफारिश पर जारी किए गए। संदिग्ध का नाम सूची में शामिल नहीं था। उसे पास कैसे मिला? यह बड़ा सवाल है।
तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने से खुलासा
हर्रैया में गत दस जुलाई को मुख्यमंत्री योगीनाथ ने जसभा की थी। कार्यक्रम के करीब एक सप्ताह बाद उनकी सुरक्षा में चूक का यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि वायरल हो रही तस्वीर की सत्यता की पुष्टि ‘हिन्दुस्तान’ नहीं करता है। मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान वीआईपी गैलरी में नजर आ रहा व्यक्ति बस्ती जनपद के परसरामपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला बजाया जा रहा है। उस पर तीन मुकदमे स्थानीय थाने में दर्ज हैं। इन सबके बावजूद इस संदिग्ध की एंट्री कैसे और किसके कहने पर हुई, यह जांच का विषय है।
पास वाली सूची में संदिग्ध का नाम नहीं
प्रशासन का कहना है कि अधिकृत रूप से प्राप्त सूची पर ही पास जारी किए गए हैं। सूची में संदिग्ध का नाम नहीं है। पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। इस सम्बंध में भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र ने कहा कि मुख्यमंत्री के आगमन पर पार्टी की तरफ से जारी सूची में किसी बाहरी व्यक्ति का नाम नहीं था। सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री का स्वागत करने वाले जिस व्यक्ति का नाम लिया जा रहा है उसे मैं नहीं जानता। मैने उसका नाम सूची में नहीं भेजा था।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


