सीएम योगी ने सरकारी कर्मचारियों के कैशलेस इलाज को लेकर दिया बड़ा आदेश, अब ये सेवाएं भी शामिल
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी जैसी पद्धतियों की IPD सेवाओं को भी दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस योजना का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में इलाज, जांच, दवाओं और आपात सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर करने के आदेश दिए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा विभागों की समीक्षा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का लाभ सीधे आम आदमी को मिलना चाहिए। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना में आयुष पद्धतियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए। कहा कि आयुष्मान योजना के क्लेम दावों का तय समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। निर्देश दिए कि नेशनल हेल्थ मिशन के तहत कोविड कालखंड में सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों का प्राथमिकता के आधार पर यथोचित समायोजन किया जाए।
सीएम योगी ने कहा कि आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी जैसी पद्धतियों की आईपीडी सेवाओं को भी दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस योजना का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में इलाज, जांच, दवाओं और आपात सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर होनी चाहिए। साथ ही मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग संस्थानों और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को आधुनिक तकनीक, बेहतर मानव संसाधन और प्रभावी प्रबंधन से सशक्त बनाया जाए। उन्होंने मेडिकल संस्थानों में आधुनिक उपकरणों, विशेषज्ञ फैकल्टी और रिसर्च गतिविधियों को बढ़ावा देने को कहा।
मातृ और शिशु मृत्यु दर में लाएं कमी
उन्होंने कहा कि आशा वर्करों का भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित न रहे। हेल्थ एटीएम सेवाओं का विस्तार करते हुए उन्हें अधिक से अधिक क्षेत्रों तक पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में और कमी लाने के लिए संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर गर्भवती महिला तक समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा पहुंचनी चाहिए। उन्होंने चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि मेडिकल संस्थानों को रिसर्च आधारित स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी परियोजनाएं तय समय सीमा में पूर्ण हों।
गोरखपुर सहित कई जगह लोकार्पण-शिलान्यास जल्द
बैठक में आगामी महीनों में प्रस्तावित महत्वपूर्ण लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यों की भी समीक्षा की गई। इनमें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज का बहुमंजिला गर्ल्स हॉस्टल, अयोध्या मेडिकल कॉलेज का 110 बेड ट्रॉमा सेंटर, सहारनपुर मेडिकल कॉलेज का बीएससी नर्सिंग कॉलेज और कानपुर मेडिकल कॉलेज में मानसिक रोग विभाग विस्तार और डी-एडिक्शन वार्ड ब्लॉक शामिल हैं।
अस्पतालों में न हों तीन महीने से कम एक्सपायरी वाली दवाएं
मुख्यमंत्री ने एम्बुलेंस रिस्पॉन्स टाइम को और कम करने के निर्देश देते हुए कहा कि आपात स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने एम्बुलेंस संचालकों का भुगतान समय से सुनिश्चित करने को भी कहा। अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तीन माह से कम एक्सपायरी अवधि वाली दवाएं अस्पतालों में नहीं होनी चाहिए और उनकी जगह नई दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। बैठक में डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ की उपलब्धियों की जानकारी दी गई।
संविदा एमबीबीएस चिकित्सकों का मानदेय बढ़े
बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य कैंसर मिशन, यूपी ट्रॉमा एवं इमरजेंसी नेटवर्क, प्रोजेक्ट सुश्रुत तथा केयर-यूपी मिशन की कार्ययोजनाओं पर भी प्रस्तुतीकरण दिया गया। बताया गया कि यूपीटेन के तहत प्रदेश में आपातकालीन ट्रॉमा नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जबकि केयर-यूपी मिशन के तहत मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में आईसीयू एवं एचडीयू सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संविदा एमबीबीएस चिकित्सकों का मानदेय बढ़ाया जाना चाहिए ताकि बेहतर चिकित्सक सरकारी सेवाओं से जुड़ें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक, जवाबदेही और संवेदनशीलता तीनों साथ दिखाई देनी चाहिए, तभी आम लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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