
सीएम योगी का लघु और सीमांत किसानों के लिए बड़ा ऐलान, सहकारी बैंक 6% ब्याज पर देंगे कर्ज
सीएम योगी की इस घोषणा को अन्नदाता किसानों के हित में उठाया गया बड़ा कदम बताया जा रहा है। प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के अंदर उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक LDB से लोन का रेट अभी करीब साढ़े 11 प्रतिशत है। किसान को बहुत ब्याज देना पड़ता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लघु और सीमांत किसानों के लिए रविवार को बड़ी सौगात दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अंदर यूपी सहकारी ग्राम विकास बैंक की ब्याज दर करीब साढ़े 11 फीसदी है। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत छह प्रतिशत ब्याज पर सहकारी ग्राम विकास बैंक के जरिए कर्ज दिलाएंगे। शेष योगदान राज्य सरकार देगी।
मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के तहत रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में युवा सहकार सम्मेलन एवं यूपी को-ऑपरेटिव एक्सपो-2025 का शुभारंभ कर विशिष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने पहली बार सहकारिता का नया मंत्रालय गठित किया। पहले यह कृषि मंत्रालय के अधीन छोटा आयाम था। पहले मंत्री के रूप में अमित शाह सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाई प्रदान कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया है। सहकारिता विश्वास, सामाजिक समता और आत्मनिर्भरता की गारंटी है। दुनिया की चौथाई सहकारी समितियां भारत में हैं। इनमें 8.44 लाख से अधिक समितियां, 30 करोड़ से अधिक सदस्य सामूहिक शक्ति के रूप में योगदान को तत्पर हैं।
भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था
योगी ने कहा कि 11 वर्ष में हमने बदलते भारत में देखा है कि तकनीक का उपयोग कर जीवन सरल बनाते हुए भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था दी जा रही है। डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस, पारदर्शी नीतियों से सहकारिता क्षेत्र में सुशासन-जवाबदेही बढ़ी है। एम पैक्स से बहुद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समितियों के सदस्यता का विस्तार, वित्तीय समावेशन जोड़ते हुए कृषि, ग्रामीण विकास बढ़ाने, सहकारिता आंदोलन को मजबूती दी है।
पहली बार सहकारिता से बड़े पैमाने पर काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता वर्ष 2025 पर यूपी में पहली बार बड़े पैमाने पर कार्य हुए। 26 जनवरी को सहकारिता वर्ष का शुभारंभ किया गया। 21 मार्च 2025 को यूपी स्टेट को-ऑपरेटिव ने स्टेक होल्डर्स को 76 करोड़ का ऑनलाइन लाभांश बांटा। छह जुलाई को सहकारिता मंत्रालय के स्थापना दिवस पर 266 ड्रोन दीदियों को प्रमाण पत्र दिए। 12 सितंबर से 30 नवंबर तक एम पैक्स सदस्यता महाभियान चला। इसमें 24 लाख सदस्यों से 43 करोड़ का शेयर कैपिटल भी प्राप्त हुआ।
सहकारिता आंदोलन के भविष्य का शिल्पी है युवा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हमारा युवा सहकारिता आंदोलन के भविष्य का शिल्पी है। सहकार सम्मेलन प्रदेश की समृद्धि में मील का पत्थर साबित होगा।
किसानों को समृद्ध बना रहे सहकारी बैंक
मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक की दुर्दशा का जिक्र करते हुए बताया कि 16 बैंक डिफॉल्टर घोषित हो गए थे। रिजर्व बैंक ने उनके लाइसेंस जब्त कर लिए थे, लेकिन अब यूपी के को-ऑपरेटिव बैंक डिफॉल्टर और बीमार नहीं हैं, बल्कि स्वयं स्वस्थ हैं और को-ऑपरेटिव से जुड़े सदस्यों के साथ ही किसान की समृद्धि में भी योगदान दे रहे हैं। शासन की अनेक योजनाओं को बढ़ाने का कार्य भी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, हम लोगों ने प्रयास किया है कि प्रदेश में जितना भी फर्टिलाइजर, पेस्टिसाइड, केमिकल का वितरण होता है, उसका आधा को-ऑपरेटिव से जुड़े एम पैक्स, साधन सहकारी समितियों के माध्यम से वितरित हो, लेकिन इसके लिए मैनपॉवर को पूरा करना पड़ेगा। प्रत्येक में यह व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे तो किसान जुड़ेगा और सदस्य संख्या बढ़ेगी।
वाराणसी और महराजगंज डीएम को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवा सहकार सम्मेलन एवं यूपी को-ऑपरेटिव एक्सपो-2025 का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में सहकारिता विभाग की उपलब्धियों व नवाचारों पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई। साथ ही मुख्यमंत्री व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने पुस्तिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने वाराणसी व महराजगंज के वर्तमान जिलाधिकारी समेत उत्कृष्ट कार्य करने वालों को भी सम्मानित किया।
एम पैक्स की ब्याज मुक्त ऋण सीमा 15 लाख तक होगी
मुख्यमंत्री ने बताया यूपी सरकार ने एम पैक्स को 10 लाख तक ब्याज मुक्त ऋण की सीमा दी है। इसे बढ़ाकर 15 लाख करने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे, लेकिन उससे पहले मैनपॉवर की कमी पूरा करेंगे। 6760 एमपैक्स को उर्वरक व्यवसाय के लिए 10 लाख रुपये ब्याज मुक्त ऋण स्वीकृत किया गया है।

लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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