
सीएम योगी ने बताई यूपी में हलाल सर्टिफिकेशन वाले उत्पादों पर रोक की वजह, लोगों से किया ये आह्रवान
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह राजनीतिक इस्लाम वही है जो आज छांगुर के रूप में डेमोग्राफी को चेंज करके राष्ट्र माता के टुकड़े-टुकड़े करने की मंशा के साथ काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आपने पिछले दिनों बलरामपुर में जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के षड्यंत्रों का पर्दाफाश होते देखा होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि हलाल सर्टिफिकेशन उत्पाद के प्रदेश में बिक्री पर रोक लगाई गई है। हलाल उत्पाद खरीद से मिलने वाले रुपये से ही धर्मांतरण, लव जिहाद और आतंकवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर गोरखपुर विभाग द्वारा आयोजित विचार-परिवार कुटुंब स्नेह मिलन एवं ‘दीपोत्सव से राष्ट्रोत्सव’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंगलवार देर शाम योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अयोध्या के दीपोत्सव को लेकर दिए गए बयान पर सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी करारा प्रहार किया। मुख्यमंत्री ने अखिलेश पर तंज कसा कि गद्दी तो विरासत में मिल सकती है, बुद्धि नहीं। बिना विवेक वाले लोग ही दीपावली का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश को सनातन धर्म के त्योहारों, देवी-देवताओं से नफरत है। अखिलेश, दुर्योधन की मूर्ति लगाने की बात करते हैं, हमनें कहा कि कंस की भी मूर्ति लगवा लो। सपा को रामद्रोही, कृष्णद्रोही और सनातन पर्व द्रोही बताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अयोध्या, मथुरा, वृंदावन की आभा चमकाती रहेगी।
छांगुर गहरी साजिशों को दे रहा था अंजाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राजनीतिक इस्लाम वही है जो आज छांगुर के रूप में डेमोग्राफी को चेंज करके राष्ट्र माता के टुकड़े-टुकड़े करने की मंशा के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा, विगत दिनों बलरामपुर जिले में जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के षड्यंत्रों का पर्दाफाश होते देखा होगा। वह व्यक्ति कालनेमि बनकर पूरे क्षेत्र में षड्यंत्रों को अंजाम दे रहा था।
अखिलेश पर निशाना
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दीपावली पर दीये जलाने के विरुद्ध बयान देकर अखिलेश यादव ने यह सिद्ध कर दिया है कि उन्हें अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर, देवी देवताओं, सनातन धर्म और दीपावली जैसे इसके पर्व व त्योहारों से भी नफरत है। उनका बयान प्रजापति समाज (कुम्हारों) का अपमान करने वाला है।





