नियुक्ति में फर्जीवाड़े पर सीएम योगी का बड़ा एक्शन, इस पद पर तैनाती की जांच का आदेश

Feb 17, 2026 08:05 am ISTYogesh Yadav लखनऊ, विशेष संवाददाता
share

सीएम योगी ने नियुक्ति में फर्जीवाड़े पर कड़ा रुख अपनाया है। तैनाती में फर्जीवाड़े की जांच के लिए हर जिले में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। जिसे दो महीने में रिपोर्ट देनी है। 

नियुक्ति में फर्जीवाड़े पर सीएम योगी का बड़ा एक्शन, इस पद पर तैनाती की जांच का आदेश

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार भ्रष्टाचार और नियुक्तियों में होने वाली गड़बड़ी के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर मजबूती से आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शासन ने चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में हुए एक बड़े नियुक्ति घोटाले की परतें खोलने की तैयारी कर ली है। मामला कई साल पुराना है, लेकिन इसमें हुए फर्जीवाड़े के तार इतने गहरे हैं कि अब शासन ने इसके लिए एक उच्चस्तरीय तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है। इस कार्रवाई से विभाग के उन अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है, जो इस पूरे खेल में शामिल रहे हैं। जांच का दायरा केवल वर्तमान नियुक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान हुई भर्तियों को भी रडार पर लिया गया है।

इन खास वर्षों की भर्तियों की होगी गहन पड़ताल

शासन द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति को मुख्य रूप से वर्ष 2016 में हुई एक्सरे-टेक्नीशियन भर्ती की बारीकी से जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही, समिति वर्ष 2008 में हुई नियुक्तियों के दस्तावेजों को भी खंगालेगी। निदेशक प्रशासन चिकित्सा स्वास्थ्य की अध्यक्षता वाली इस समिति में निदेशक पैरामेडिकल और निदेशक राष्ट्रीय कार्यक्रम को भी शामिल किया गया है। समिति को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि विज्ञापन निकाले जाने से लेकर अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग तक की हर फाइल की जांच की जाए। जांच का मुख्य केंद्र यह होगा कि आखिर चयन सूची में शामिल नामों से ज्यादा लोग जिलों में तैनात कैसे हो गए और इसके पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है।

कैसे हुआ यह 'ज्वाइनिंग का खेल'

प्रदेश में एक्सरे-टेक्नीशियनों की भर्ती के दौरान हुई इस गड़बड़ी ने सबको हैरान कर दिया था। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, विज्ञापित पदों और चयनित अभ्यर्थियों की संख्या से कहीं अधिक लोगों ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में ज्वाइनिंग कर ली थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से कई फर्जी तरीके से भर्ती हुए लोग अभी भी विभिन्न सरकारी अस्पतालों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और सरकारी खजाने से वेतन प्राप्त कर रहे हैं। हालांकि, जब जांच की सुगबुगाहट तेज हुई, तो कई संदिग्ध कर्मचारी कार्रवाई के डर से ड्यूटी छोड़कर फरार भी हो गए हैं। अब समिति यह देखेगी कि महानिदेशालय स्तर पर किन अधिकारियों ने इन फर्जी नियुक्तियों को संरक्षण दिया।

दो महीने के भीतर रिपोर्ट और दोषियों पर गिरेगी गाज

शासन ने इस जांच के लिए एक कड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। समिति को दो माह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी। जांच के दौरान आवेदन पत्रों की स्क्रूटनी, साक्षात्कार के लिए बुलाए गए अभ्यर्थियों की सूची और वास्तव में जारी किए गए नियुक्ति पत्रों का मिलान किया जाएगा। यदि चयन परिणाम और ज्वाइनिंग डेटा में अंतर पाया जाता है, तो उस समय तैनात रहे संबंधित जिलों के अधिकारियों और महानिदेशालय के बाबुओं पर सीधी कार्यवाही की जाएगी। समिति को न केवल भ्रष्टाचार को उजागर करना है, बल्कि दोषियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्यवाही की स्पष्ट संस्तुति भी करनी है।

Yogesh Yadav

लेखक के बारे में

Yogesh Yadav

योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News और Kanpur News के साथ-साथ UP Board Result, UP Board 10th Result, UP Board 12th Result और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।