25 लाख युवाओ को फ्री एआई सेवा और हर पंचायत में डिजिटल उद्यमी महिला को 10 लाख तक का ऋण
सीएम योगी ने यूपी के 25 लाख युवाओं को फ्री एआई वर्जन देने का ऐलान किया। साथ ही हर पंचायत में डिजिटल उद्यमी महिला को 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराने की भी भी घोषणा की। सीएम योगी ने यूपी बजट सत्र के आखिरी दिन विधानसभा में बोल रहे थे।

सीएम योगी ने यूपी के 25 लाख युवाओं को फ्री एआई वर्जन देने का ऐलान किया। साथ ही हर पंचायत में डिजिटल उद्यमी महिला को 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराने की भी भी घोषणा की। सीएम योगी ने यूपी बजट सत्र के आखिरी दिन विधानसभा में बोल रहे थे। विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा, आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का है और यूपी सरकार 25 लाख युवाओं को मुफ्त एआई टूल उपलब्ध कराएगी। सीएम योगी ने कहा, 2030 तक पांच गीगावॉट क्षमता का डाटा सेंटर क्लस्टर विकसित करने की योजना है।
सीएम योगी ने डिजिटल एन्टरप्रेन्योर योजना की घोषणा करते हुए कहा कि गांवों में आठ हजार डिजिटल उद्यमी स्थापित किए जाएंगे, जिनमें 50 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के लिए होगा। उन्होंने कहा, यूपी में आठ हजार न्याय पंचायत हैं। हर न्याय पंचायत पर डिजिटल उद्यमी बनाए जाएंगे। हर न्याय पंचायत पर महिला उद्यमी विपणन केंद्र बनेंगे। इसके लिए महिलाओं को 10 लाख रुपये तक का फ्री में ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। सीएम योगी ने यूपी के एक करोड़ सेल्फ हेल्फ ग्रुप के लिए न्याय पंचायत स्तर पर 100 करोड़ खर्च से महिलाओं के लिए शॉपिंग कॉम्पलेक्स खोले जाएंगे।
सपा सरकार में पहले मातृ और शिशु मृत्यु दर की स्थिति थी खराब
मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा सरकार में मातृ और शिशु मृत्यु दर की स्थिति खराब थी। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देकर हालात सुधारे गए हैं। हर साल यूपी में 60 लाख संस्थागत प्रसव करवाने के लिए योजना है। इसके लिए अस्पतालों को इंपैनल किया जाएगा। इसके लिए 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि 2019 के बाद से इंसेफेलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया है और मौतों की संख्या में भारी कमी आई है।
कृषि निर्यात के लिए 100 करोड़ की व्यवस्था
सीएम योगी ने कहा कि कृषि निर्यात के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में 40 लाख ट्यूबवेल हैं और 16 लाख किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है। किसानों को सोलर पैनल भी उपलब्ध कराए जाएंगे। खेतों में ड्रोन के जरिए दवा और पेस्टीसाइड के छिड़काव को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोबोटक्सि और आधुनिक तकनीक से श्रम आधारित कार्यों को आसान बनाया जाएगा। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सीएम युवा योजना के तहत 1.10 लाख युवाओं को ब्याजमुक्त गारंटीयुक्त लोन दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एमएसएमई को बढ़ावा दिया जा रहा है और 'वन ड्ट्रिरक्टि वन प्रोडक्ट' योजना के माध्यम से मेरठ का ब्रास, गोरखपुर का टेराकोटा, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी और भदोही की कालीन जैसे उत्पादों को वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण आज यूपी निवेश के लिए ड्रीम डेस्टिनेशन बन चुका है। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने से प्रदेश की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है और इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश से रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।
पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


