कम वेतन मिलने से नाराज CM हेल्पलाइन कर्मियों का प्रदर्शन, सड़क पर उतरे 200 लोग, पुलिस से नोकझोंक
लखनऊ में सीएम हेल्पलाइन कर्मचारियों की नाराजगी देखने को मिली। कम और समय से वेतन न मिलने से आक्रोशित सीएम हेल्पलाइन के 200 कर्मचारी गुरुवार को लखनऊ में सड़क पर उतर आए।

Lucknow News: यूपी की राजधानी लखनऊ में सीएम हेल्पलाइन कर्मचारियों की नाराजगी देखने को मिली। कम और समय से वेतन न मिलने से आक्रोशित सीएम हेल्पलाइन के 200 कर्मचारी गुरुवार को लखनऊ में सड़क पर उतर आए। साइबर टावर के बाहर हुए प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ कूच किया, मगर मौके भारी पुलिस बल ने उन्हें संगीत नाटक अकादमी के पास रोक दिया। इस दौरान काफी मान-मनौव्वल और कुछ कर्मियों के सीएम से मुलाकात का आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारी शांत हुए।
साइबर टॉवर से कर्मचारी नारेबाजी करते हुए लोहिया पथ के जरिए मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर बढ़ने लगे तो मार्च के दौरान पुलिस ने कई बार उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे। हालात को देखते हुए अतिरक्ति पुलिस बल तैनात किया गया और संगीत नाटक अकादमी के पास बैरिकेडिंग कर दी गई। इसके बाद भी जब कर्मचारी नहीं माने, तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें सड़क किनारे किया। प्रदर्शन कर रहे कर्मियों ने आरोप लगाया कि उनसे कार्यालय में मोबाइल फोन जमा करा लिए जाते हैं और तय वेतन भी नहीं दिया जा रहा।
15 हजार रुपये वेतन देने का मिला था आश्वासन
उनका कहना है कि 15 हजार रुपये मासिक वेतन का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उन्हें केवल 7 से 8 हजार रुपये ही मिलते हैं। साथ ही, वेतन में देरी और कई बार दो महीने तक भुगतान रोकने की शिकायत भी सामने आई है। इस दौरान करीब एक घंटे की बातचीत के बाद मामला शांत हुआ। अधिकारियों ने कर्मचारियों को समझाकर प्रदर्शन समाप्त कराया। वहीं पांच कर्मचारियों को प्रतिनिधि के रूप में मुख्यमंत्री से मिलने भेजा गया, तब जाकर प्रदर्शन समाप्त हुआ। जबकि बाकी को वापस उनके कार्यस्थल भेज दिया गया।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।
पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


