
मुंह में कपड़ा ठूंस बेरहमी से सिर कुचला; बनारस में सुबह-सुबह आंगनबाड़ी कार्यकत्री की हत्या
45 वर्षीय आंगनबाड़ी कार्यकत्री अनुपमा उर्फ सीता वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर में परिवार संग रहती थीं। पति शैलेश पेशे से दूध विक्रेता हैं। पति का कहना है कि वह दूध लेकर बाहर निकले हुए थे। सुबह आठ बजे के करीब घर लौटेे तो पत्नी खून से लथपथ जमीन पर पड़ी थीं।
यूपी के वाराणसी से गुरुवार की सुबह-सुबह एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री की उस वक्त बेरहमी से हत्या कर दी गई जब वह परिवार के लिए सुबह का खाना पका रही थी। महिला के पति दूध विक्रेता हैं। उनका कहना है कि वह दूध लेकर बाहर गए हुए थे। सुबह आठ बजे के करीब वह घर वापस लौटे तो पत्नी का शव खून से लथपथ पड़ा था। उनके मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था और सिर को कुचल दिया गया था। ऐसा लगा रहा है कि सिर और हाथ पर किसी धारदार हथियार से वार किया गया है। कान से एक बाली भी गायब मिली।
45 वर्षीय आंगनबाड़ी कार्यकत्री अनुपमा उर्फ सीता वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर में परिवार संग रहती थीं। पति शैलेश पेशे से दूध विक्रेता हैं। पति का कहना है कि अनुपमा सुबह पांच बजे उठकर खाना पका रही थीं। वह दूध लेकर बाहर निकले हुए थे। अपना काम निपटा कर वह सुबह आठ बजे के करीब घर पहुंचे। लेकिन घर के अंदर जाते ही वह हैरान रह गए। पति के मुताबिक उन्होंने कमरे में अपनी पत्नी को जमीन पर खून से लथपथ देखा। पत्नी को यूं पड़ा देख उनकी चीख निकल गई। उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था। उनकी चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़कर वहां पहुंचे। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जुट गई। इस बीच किसी ने पुलिस को भी घटना की जानकारी दे दी।
सूचना मिलते ही शिवपुर थाने से पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके का मुआइना किया और अपनी जांच-पड़ताल शुरू कर दी। अब तक की तफ्तीश में पता चला है कि अनुपमा और शैलेश की शादी करीब 15 साल पहले हुई थी। दोनों की कोई संतान नहीं है। परिवारीजनों ने बताया कि अनुमान करीब चार महीने की गर्भवती थीं।
घटना से हर कोई हैरान
अनुपमा उर्फ सीता, चार महीने की गर्भवती थीं। उनकी हत्या क्यों और किसने की यह सवाल पुलिस के लिए ही नहीं आसपास के लोगों के लिए भी रहस्य बना हुआ है। लोग इस घटना से हैरान हैं और जल्द से जल्द घटना का खुलासा चाहते हैं।





