सीजेआई सूर्यकांत ने यूपी सरकार को दिए ये दो सुझाव, 6 इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉप्लेक्स की रखी नींव
इस मौके पर सीजेआई ने यूपी सरकार को दो सुझाव दिए। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से 10 नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स के निर्माण की कार्ययोजना के लिए आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि संविधान में जिला न्यायालयों की स्थापना इसी उद्देश्य से की गई थी कि आम नागरिकों को त्वरित और सुलभ न्याय मिल सके।

देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने शनिवार को चंदौली से यूपी के अलग-अलग जिलों में बनने वाले छह इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्पलेक्स की नींव रखी। इस दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। इस मौके पर सीजेआई ने यूपी सरकार को दो सुझाव दिए। एक महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग से बार बनवाने का और दूसरा सभी कोर्ट कॉम्प्लेक्स में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने का। करीब सात मिनट के अपने भाषण में सीजेआई कोर्ट कॉम्प्लेक्स की काफी खूबियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में हो रहे न्यायिक कार्य आने वाले समय में पूरे देश के लिए प्रतिमान गढ़ेंगे। उन्होंने चंदौली में छह इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स की नींव रखते हुए यह बात कही। इस अवसर पर महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया में भी कोर्ट कॉम्प्लेक्स निर्माण का शुभारम्भ यहीं से किया गया।
सीजेआई ने प्रदेश सरकार की ओर से 10 नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स के निर्माण की कार्ययोजना के लिए आभार जताते हुए कहा कि अन्य राज्यों की सरकारों को भी उत्तर प्रदेश की तरह आधुनिक और सुव्यवस्थित कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनाने का सुझाव देंगे। उन्होंने कहा कि संविधान में जिला न्यायालयों की स्थापना इसी उद्देश्य से की गई थी कि आम नागरिकों को त्वरित और सुलभ न्याय मिल सके।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि ये इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स आमजन के लिए न्याय के मंदिर साबित होंगे। इनमें वादकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। यह परिसर हर प्रकार की आम आदमी की जरूरतों से युक्त होंगे और अगले 50 वर्षों तक न्यायिक कार्यों के लिए पूरी तरह सक्षम साबित होंगे।
सीजेआई ने कोर्ट कॉम्प्लेक्स की खूबियां गिनाईं। उन्होंने सुझाव दिया कि महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग से बार की व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें बेहतर और सुरक्षित कार्य वातावरण मिल सके। साथ ही सभी कोर्ट कॉम्प्लेक्स में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाने का भी सुझाव दिया। कार्यक्रम में इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सुप्रीम कोर्ट के कई वरिष्ठ न्यायाधीश, प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम को न्यायिक क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सीएम योगी बोले
कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि इस कॉम्प्लेक्स में न्यायिक अधिकारियों के लिए आवश्यक सुविधाएं रहेंगी। इसमें पार्किंग की सुविधा के साथ ही कैंटीन रहेगी। अब ऐसा नहीं होगा कि न्याय के लिए लड़ने वाले, जूझने वाले हमारे अधिवक्ता स्वयं दिन की रोशनी में खुले में बैठें। जहां टूटे हुए चेंबर होते थे। अब अच्छे हाई राइस बिल्डिंग में उनके लिए भी बेहतर चेंबर की व्यवस्था होगी।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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