Chitrakoot News: तुलसी नगरी के पर्यटक स्थलों में लगेगा प्रवेश शुल्क
Chitrakoot News: गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली में पर्यटन विकास कार्यों का डीएम पुलकित गर्ग ने जायजा लिया। 20.89 करोड़ की लागत से तुलसी नगरी में कई परियोजनाएं चल रही हैं। डीएम ने कार्यों में तेजी लाने और जलनिकासी की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। सभी अवशेष कार्य 20 सितंबर तक पूर्ण कराने का आदेश दिया गया।

Chitrakoot News: राजापुर। गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली में चल रहे पर्यटन विकास के कार्यों का डीएम पुलकित गर्ग ने एसपी अरुण कुमार सिंह के साथ जायजा लिया। तुलसी नगरी में समग्र पर्यटन विकास को लेकर राज्य सेक्टर योजना के तहत 20.89 करोड़ की लागत से कार्य कराए जा रहे है। इसमें अभी तक 17 करोड़ की धनराशि शासन स्तर से दी जा चुकी है। परियोजना के तहत लाइब्रेरी ब्लॉक, डॉरमेट्री एवं पब्लिक एमेनिटी ब्लॉक, पब्लिक सेनेटेशन ब्लॉक, मल्टीपरपज हॉल, कंट्रोल रूम, गार्ड रूम, तुलसी स्मारक भवन का रेनोवेशन, बाह्य स्थल विकास, विद्युत एवं सीसीटीवी, बाह्य एवं आंतरिक सीवेज एवं प्लम्बिंग, फूड फायर स्टेशन, म्यूजियम इंटरप्रिटेशन, ऑडियो-विजुअल व लैंडस्केपिंग आदि कार्य कराए जा रहे हैं।
परियोजना की प्रगति
डीएम ने निर्देश दिए कि 19 अगस्त से पहले परियोजना स्थल पर सभी जरुरी व्यवस्थाएं कर ली जाएं। अन्य कार्यों को भी तेजी से पूरा कराएं। कहा कि अगली किस्त जारी करने से पहले उनसे अनुमति ली जाए। इसके बाद ही अग्रिम किस्त जारी करने की कार्रवाई होनी चाहिए। जलनिकासी की समस्या पर कहा कि जहां-जहां पानी रुक रहा है, वहां जरुरी सुधार कार्य तत्काल कराए जाएं। मंदिर परिसर में कई स्थानों पर हो रहे जलरिसाव को देखते हुए पाइप की व्यवस्था कर वर्षा जल का स्थायी निकास करने के डीएम ने निर्देश दिए। कहा कि पर्यटन स्थल की बाउंड्री वॉल की फेंसिंग, सुरक्षा की दृष्टि से कंसर्टिना वायर लगाने के लिए प्रस्ताव तैयार कराएं। कहा कि सभी अवशेष कार्यों को 20 सितंबर तक पूर्ण कराया जाए। परियोजना पूर्ण होने के बाद पर्यटक स्थल के रखरखाव एवं गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से प्रति व्यक्ति 10 रुपये प्रवेश शुल्क निर्धारित किया जाए।
कार्यवाही और निर्देश
कार्य में लापरवाही बरतने वाले लेखपाल संबद्ध होंगे
डीएम-एसपी ने तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की समस्याएं सुनीं। बारिश की वजह से समाधान दिवस में फरियादियों की संख्या कम रही। ज्यादातर मामले भूमि, बिजली, सिंचाई, अवैध कब्जे आदि से संबंधित आए। डीएम ने अधिकारियों को सभी मामलों का निर्धारित समय के भीतर निस्तारण करने के निर्देश दिए। कहा कि कार्य में लापरवाही बरतने व आम जनमानस को परेशान करने वाले लेखपालों को तत्काल प्रभाव से संबद्ध कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


