Chitrakoot News: सरकारी कार्य में बाधा, बलवा और मारपीट में छह लोगों को 10 वर्ष की सजा
Chitrakoot News: चित्रकूट में अपर सत्र न्यायाधीश ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और मारपीट के मामले में छह लोगों को 10-10 वर्ष की सजा सुनाई। सभी दोषियों को 24,000 रुपये का अर्थदंड भी दिया गया है। यह मामला 2014 में एक बस में हुई मारपीट और लूटपाट से संबंधित है, जिसमें एक वकील भी शामिल थे।

Chitrakoot News: चित्रकूट। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम/स्पेशल एनडीपीएस एक्ट राहुल मिश्रा की अदालत ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, बलवा और मारपीट करने के मामले में दोषी छह लोगों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी को अदालत ने 24 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। बीते 15 मार्च 2014 को राजापुर थाना क्षेत्र के पियरियामाफी निवासी हाईकोर्ट के अधिवक्ता आशुतोष शुक्ला ने पहाड़ी थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर में बताया था कि कर्वी से राजापुर जा रही बस में एक युवक यात्रियों से गालीगलौज कर रहा था।
जब विरोध किया गया तो उसने प्रसिद्धपुर में अपने करीब 20-25 साथियों को बुला लिया। इसके बाद बस में बैठे मुसाफिरों के साथ मारपीट व लूटपाट शुरू कर दी। इसी बस में राजापुर थाने के पैरोकार हेड कांस्टेबिल कामता प्रसाद भी सवार थे। हमलावरों ने पैरोकार और उसे भी मारापीटा। उसके गले से सोने की चेन व पांच हजार रुपये लूट लिए। हमलावरों ने चालक को बस फूंकने की धमकी भी दी। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के दौरान नौ आरोपितों के नाम सामने आए थे। जिनमें तीन लोगों की मौत हो चुकी है। अदालत ने शनिवार को बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अजय सिंह, जानू पटेल, लवकुश पटेल, रानू पटेल, राजेंद्र पटेल व रामनरेश निवासी प्रसिद्धपुर थाना पहाड़ी को दोषसिद्ध करार दिया। इन सभी को न्यायालय ने सजा के साथ अर्थदंड से दंडित किया है।


