DA Image
हिंदी न्यूज़ › उत्तर प्रदेश › चित्रकूट › बारिए से उफनाए नदी और नाले, तीसरे दिन खुला मौसम
चित्रकूट

बारिए से उफनाए नदी और नाले, तीसरे दिन खुला मौसम

हिन्दुस्तान टीम,चित्रकूटPublished By: Newswrap
Sun, 26 Sep 2021 03:52 AM
बारिए से उफनाए नदी और नाले, तीसरे दिन खुला मौसम

चित्रकूट। संवाददाता

जिले में लगातार तीसरे दिन रात भर हुई जोरदार बारिश से नदी व नाले उफना गए। पाठा क्षेत्र की बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों का संपर्क कट गया। हालांकि शनिवार को सुबह से मौसम खुलने के बाद लोगों ने राहत महसूस की है। बरदहा नदी का जलस्तर भी कम हो रहा है। कई जगह जलभराव की वजह से लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।

धर्मनगरी चित्रकूट में लगातार तीन दिन जोरदार बारिश होने से परेशानी बढ़ गई है। किसान आगामी रबी की बुवाई को लेकर तैयारियों में जुटे थे, लेकिन बारिश से अब बुवाई की शुरुआत देर से हो पाएगी। इसको लेकर किसान काफी चिंतित नजर आ रहे हैं। शुक्रवार की देर शाम से बारिश से फिर शुरुआत हुई। शनिवार को सुबह तक बारिश का सिलसिला चलता रहा। बारिश की वजह से जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई। पाठा क्षेत्र की बरदहा नदी का जलस्तर शुक्रवार की शाम अचानक बढ़ गया था। इस नदी में एमपी क्षेत्र का भी पानी आता है। जंगलों और पहाड़ों का पानी आने से बरदहा नदी में अचानक बाढ़ आती है। जलस्तर बढ़ने के बाद पाठा क्षेत्र के गिदुरहा, कुबरी, रानीपुर, सकरौंहा, चमरौंहा, ऊंचाडीह, मऊगुर्दरी, कोटा कंदैला सहित करीब दो दर्जन गांवों का मानिकपुर मुख्यालय से संपर्क कटा रहा। शनिवार की सुबह से बारिश थम गई और मौसम साफ हो गया। दिन में तेज धूप भी रही। वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अंचलों में बारिश के दौरान चरमराई बिजली व्यवस्था में अभी पूरी तरह सुधार नहीं हो सका है।

जेसीबी से खुदाई कर उफना रहे तालाब का निकाला पानी

ब्लाक मुख्यालय व कस्बा रामनगर के हाईवे किनारे कुमर्दो तालाब कई की बारिश के बाद उफनाने लगा। क्षमता से अधिक पानी भर जाने से तालाब की भीट टूटने की आशंका बढ़ गई। कई जगह भीट से पानी का रिसाव भी होने लगा था। अतिरिक्त पानी को निकालने के लिए जलनिकासी की व्यवस्था भी नहीं थी। ग्रामीणों ने अनहोनी की आशंका को देखते हुए तत्काल प्रशासन को अवगत कराया। जानकारी पाकर एसडीएम मऊ नवदीप शुक्ल व रैपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंचीं। आनन-फानन में जेसीबी मंगवाकर पानी को निकालने के लिए खुदाई कराई गई। बताते हैं कि हाईवे के चौड़ीकरण दौरान तालाब के भीटे को काटा गया है। इसके अलावा ग्रामीणों ने भी भीट को काटकर अतिक्रमण कर लिया है और वहां पर दुकानें रख ली है। जिससे तालाब की भीट कमजोर हो गई है। ग्रामीण चंद्रिका प्रसाद मिश्रा, विनय कुमार, हीरालाल मिश्रा, कामता प्रसाद, दिनेश कुमार, राजाबाबू, हीरालाल पांडेय आदि ने मांग किया कि भीट में पत्थर के बोल्डर लगवाकर मजबूत किया जाए। एसडीएम ने कहा कि तालाब किनारे किए गए अतिक्रमण को जल्द हटवाया जाएगा।

संबंधित खबरें