चित्रकूट कोषागार घोटाले में एक और दलाल गिरफ्तार, अब तक 36 जा चुके जेल
Chitrakoot News - चित्रकूट में कोषागार घोटाले में पुलिस ने एक दलाल को गिरफ्तार किया है। उसने 93 पेंशनरों के खातों में 43 करोड़ रुपये का अनियमित भुगतान किया। एसआईटी पिछले तीन महीने से जांच कर रही है और अब तक 35 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

चित्रकूट, संवाददाता। कोषागार घोटाले में पुलिस एसआईटी ने सोमवार को एक और दलाल को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेज दिया गया है। पकड़े गए दलाल ने कई पेंशनरों को अपने जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये का भुगतान पेंशनरों के खातों मे अनियमित तौर पर कराया है। वर्ष 2018 से 30 सितंबर 2025 तक कोषागार से 93 पेंशनरों के खातों में अनियमित भुगतान कर 43 करोड़ 13 लाख की धनराशि का गबन किया गया। इस मामले की जांच पुलिस एसआईटी पिछले तीन महीने से कर रही है। पिछले सप्ताह एसआईटी ने जेल में बंद 35 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
इसके बाद अब एसआईटी ने एक बार फिर से घपलेबाजों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सोमवार को एसआईटी ने दलाल देव कुमार उर्फ बोग्गन त्रिपाठी निवासी हनुवा थाना मानिकपुर को गिरफ्तार किया है। छानबीन के दौरान देव कुमार और उसके भाई रितेश उर्फ मुन्नू त्रिपाठी की संलिप्तता एसआईटी ने पाई है। यह दोनों सगे भाई पूर्व में गिरफ्तार हो चुके हैं। ये दलाल दीपक पांडेय निवासी बरहट के सगे साले है। दीपक पांडेय कोषागार में तैनात रहे पटल सहायक का सबसे करीबी रहा है। जिसके चलते दीपक के जरिए देव कुमार व उसका भाई रितेश भी रैकेट में शामिल हो गए। एसआईटी प्रभारी अजीत पांडेय ने बताया कि गिरफ्तार दलाल देव कुमार त्रिपाठी के नामजद आरोपित पेंशनर अवधेश नारायण पांडेय सगे मौसा है। इनके खाते में देव कुमार ने कोषागार से अनियमित भुगतान कराया है। इसी तरह सखौंहा की रहने वाली पेंशनर कमला देवी के खाते से भी गबन किया गया है। बताया कि देव कुमार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।

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