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चित्रकूट

हिन्दी दिवस पर पर कवियों ने गुदगुदाया

हिन्दुस्तान टीम,चित्रकूटPublished By: Newswrap
Thu, 16 Sep 2021 05:21 AM
हिन्दी दिवस पर पर कवियों ने गुदगुदाया

चित्रकूट। संवाददाता

मुख्यालय की एसडीएम कालोनी के एक स्कूल में भारतीय साहित्यिक संस्थान की अगुवाई में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में कवि सम्मेलन का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष नरेन्द्र गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में संस्था के महासचिव डा मनोज द्विवेदी ने कवियों समेत अन्य को सम्मानित किया। फतेहपुर के गीतकार नवीन शुक्ल ने अपनी कविता पक्षी के कलरव में सुन लो या नदिया की कलकल में पेश किया। भोपाल के वीर रस के कवि अभिषेक अरजरिया ने नहीं जयचंद सा करना किसी गौरी को आमंत्रित सुनाया। हास्य कवि समीर शुक्ल ने अपनी कविता अच्छी सीख दयहैं महतारी तो बिटिया आगे बढ़ि जइहैं पेश किया। इस मौके पर पंकज अग्रवाल, अभिमन्यु भाई, गणेश मिश्र, प्रेमचंद्र यादव, प्रयाग नारायण अग्रवाल, प्रधानाचार्य चित्रा द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

अंग्रेजी भाषा का प्रयोग हिंदी के प्रति समर्पण में बाधक

ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो नरेशचंद्र गौतम ने हिंदी विभाग के वेबीनार में कहा कि हिंदी भाषा संवेदना, शिष्टता, संस्कार एवं संप्रेषण की भाषा है। वर्तमान समय में हिंदी भाषा का जो प्रभावशाली रूप देखने को मिल रहा है, वह पूर्व में कभी नहीं दिखाई दिया। जहां कुछ निश्चित भौगोलिक दूरी के बाद नई भाषा देखने को मिलती है। ऐसी स्थिति में एक ऐसी राष्ट्रीय भाषा की आवश्यकता थी जो राष्ट्र को एक सूत्र में बांध सके। केंद्र सरकार वर्तमान में हिंदी संस्थान के माध्यम से हिंदी भाषा पर विस्तृत कार्य कर रही है। ब्रिटिश काल में अंग्रेजी भाषा का प्रयोग उतना नहीं हुआ जितना कि स्वाधीनता के बाद से लेकर अब किया जा रहा है। यह हिंदी भाषा के प्रति समर्पण के लिए अवरोधक है।

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