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दोस्त दुकानदार की हत्या में दोषी को उम्रकैद

दोस्त दुकानदार की हत्या में दोषी को उम्रकैद

संक्षेप:

Chitrakoot News - चित्रकूट में जिला सत्र न्यायाधीश ने दोस्त को शराब पिलाने के बाद पत्थर से हत्या करने के मामले में बसंतलाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मृतक रामखेलावन का शव बराहमाफी जंगल से बरामद हुआ था। अदालत ने दोषी पर 10,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया।

Dec 04, 2025 10:33 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, चित्रकूट
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चित्रकूट। संवाददाता जिला सत्र न्यायाधीश शेषमणि की अदालत ने गुरुवार दोस्त दुकानदार की शराब पिलाने के बाद पत्थर से हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी कसे 10 हजार रुपये के अर्थदंड भी दंडित किया है। मृतक का शव पुलिस ने मानिकपुर थाना क्षेत्र के बराहमाफी जंगल से बरामद किया था। कर्वी कोतवाली क्षेत्र के कंठीपुर निवासी रामखेलावन गल्ला मंडी कर्वी के बगल में कसहाई रोड़ पर चाय के साथ ही ढाबा खोले था। उसके यहां मानिकपुर थाना क्षेत्र के रामपुर कल्याणगढ़ निवासी बसंतलाल का आना-जाना था। दोनों में अच्छी दोस्ती थी। दो सितंबर 2022 को बसंतलाल अपने साथ रामखेलावन को यह कहकर लिवा ले गया कि वह दो घंटे में घुमाकर वापस आ रहा है लेकिन इसके बाद दोनों वापस नहीं लौटे।

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रामखेलावन के परिजनों ने जब बसंतलाल से फोन पर जानकारी चाही तो उसने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद परिजन खोजबीन करने लगे। पुलिस को भी सूचना दी। छह सितंबर को रामखेलावन का शव मानिकपुर के बराहमाफी जंगल में बरामद हुआ। उसकी पत्थर से वारकर हत्या की गई थी। मृतक रामखेलावन के बेटे धर्मेन्द्र रैक्वार ने शव बरामद होने के बाद छह सितंबर 2022 को मानिकपुर थाने में बसंतलाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। उसने बताया कि इस घटना के कुछ दिन पहले बसंतलाल उसके पिता रामखेलावन की बाइक एक घंटे के लिए मांगकर ले गया था लेकिन बाइक लेकर वह तीन दिन बाद लौटा। जिस पर उसके पिता व बसंतलाल के बीच मामूली विवाद हो गया था। इसी खुन्नस के चलते बसंतलाल उसके पिता को बाइक से मानिकपुर क्षेत्र ले गया और वहां योजनाबद्ध तरीके से शराब पिलाने के बाद पत्थर से वारकर उन्हें मार डाला। पुलिस ने नामजद बसंतलाल को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्याम सुंदर मिश्र ने कोर्ट में साक्ष्य के साथ ही आठ गवाह पेश किए। अदालत ने अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद बसंतलाल को दोष सिद्ध करार देते हुए सजा सुनाई। इसके साथ ही दोषी को न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेज दिया गया।