शराब और नशीली दवाओं का सेवन खतरनाक
Chitrakoot News - चित्रकूट में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव इला चौधरी ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। उन्होंने लीगल एड क्लीनिक का अवलोकन करते हुए बंदियों के लिए अधिवक्ता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। नशीली दवाओं और शराब के दुष्प्रभावों पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।

चित्रकूट। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव इला चौधरी ने जिला कारागार का औचक जायजा लिया। जेल में संचालित लीगल एड क्लीनिक देखी। यहां उपलब्ध रजिस्टरों आदि का अवलोकन किया। नियुक्त पैरालीगल वालेंटियर्स को निर्देश दिए कि मुकदमे के लिए व्यक्तिगत अधिवक्ता करने में अक्षम बंदियों के संबंध में पत्राचार कर जेल अधीक्षक के जरिए प्राधिकरण को अवगत कराएं। ऐसे बंदी प्राधिकरण से अधिवक्ता प्राप्त कर सकते हैं। जेल में प्राधिकरण की ओर से बंदियों के हित में नशीली दवाओं, धूम्रपान व शराबखोरी का उन्मूलन विषय पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित हुआ। प्राधिकरण सचिव ने कहा कि शराब और नशीली दवाओं का सेवन खुद के साथ ही परिवार, दोस्तों व पूरे समाज के लिए बेहद खतरनाक है।
युवाओं में नशीली दवाओं व शराब का सेवन सड़क दुर्घटनाओं, हिंसा, आत्महत्या, शैक्षणिक असफलता व अन्य जोखिम भरे व्यवहारों से सीधे तौर प्रभावित करता है। नशे के सेवन से व्यक्ति का शारीरिक एवं आर्थिक नुकसान होता है। सहायक लीगल एड डिफेंस काउंसिल कुलदीप सिंह ने कहा कि नशे के सेवन या दवाओं का असुरक्षित तरीके से उपयोग कई शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को और भी बदतर बना सकता है। शराब के सेवन से लीवर रोग, हृदय रोग, मधुमेह, अल्सर, पाचन व नींद की समस्याएं होती है। प्राधिकरण सचिव ने महिला बैरक का जायजा लेते हुए बंदियो से समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने 15 अप्रैल को होने वाली अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी के संबंध में चर्चा की। जेल अधीक्षक को पात्र बंदियों का विवरण प्राधिकरण कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान जेल अधीक्षक कुश कुमार सिंह, जेलर सुनील कुमार वर्मा, गुलाब सिंह यादव उपकारापाल, योगेन्द्र सिंह सहायक लीगल एड डिफेंस काउंसिल आदि लोग मौजूद रहे।
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