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राम की तपोभूमि में गुरु पूजन को जुटे लाखों श्रद्धालु

हिन्दुस्तान टीम,चित्रकूटPublished By: Newswrap
Sun, 25 Jul 2021 04:03 AM
चित्रकूट। संवाददाता
 भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट धाम में बड़े उत्साह पूर्वक गुरु पूर्णिमा...
1 / 3चित्रकूट। संवाददाता भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट धाम में बड़े उत्साह पूर्वक गुरु पूर्णिमा...
चित्रकूट। संवाददाता
 भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट धाम में बड़े उत्साह पूर्वक गुरु पूर्णिमा...
2 / 3चित्रकूट। संवाददाता भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट धाम में बड़े उत्साह पूर्वक गुरु पूर्णिमा...
चित्रकूट। संवाददाता
 भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट धाम में बड़े उत्साह पूर्वक गुरु पूर्णिमा...
3 / 3चित्रकूट। संवाददाता भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट धाम में बड़े उत्साह पूर्वक गुरु पूर्णिमा...

चित्रकूट। संवाददाता

भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट धाम में बड़े उत्साह पूर्वक गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया गया। कोविड नियमों का पालन करते हुए शिष्यों ने गुरुजनों का पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया। चित्रकूट धाम का क्षेत्रफल 84 कोसी तक मप्र-उप्र सीमा में फैला हुआ है। इस क्षेत्र में सैकड़ों छोटे बड़े मठ-मंदिर व सात अखाड़े हैं। गुरु पूर्णिमा पर्व पर सुबह से ही श्रद्धालु चित्रकूट पहुंचे। इस दौरान श्रद्धालुओं ने रामघाट में मंदाकिनी में डुबकी लगाकर महाराजाधिराज मत्यगजेंद्र नाथ में जलाभिषेक किया।

शनिवार को पूरे धर्मनगरी क्षेत्र में गुरु पूर्णिमा का पर्व उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान धर्मनगरी में पहुंचे श्रृद्धालुओं ने मंदाकिनी में डुबकी लगाकर कामदनाथ स्वामी की परिक्रमा लगाई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने मठ मंदिरों में पहुंचकर अपने गुरु का पूजन-कर आशीर्वाद लिया। सतना सांसद गणेश सिंह ने आचार्य आश्रम नयागांव जाकर राजगुरु स्वामी बद्री प्रपन्नाचार्य महाराज का पूजन अर्चन किया। इसके अलावा धर्मनगरी के प्रमुख मठ-मंदिरों समेत कामदगिरि राम मोहल्ला, प्राचीन मुखारविंद, गायत्री मंदिर, तुलसी पीठ आमोदवन, धारकुंडी आश्रम, जानकी महल, दिगंबर अखाड़ा, निर्मोही अखाड़ा, संतोषी अखाड़ा, निर्वाणी अखाड़ा, बड़ा मठ, तुलसी गुफा तोता मुखी हनुमान जी आश्रम, पुरानी लंका आश्रम, बड़ी गुफा रघुवीर मंदिर, पंजाबी भगवान आश्रम, आनंद कुटी, बड़ा राम धाम आश्रम, भरतकूप, दूरस्थ बीहड़ क्षेत्र में बसे स्थान टाठी घाट, पंपापुर आश्रम, माता सती अनसूया आश्रम, धारकुंडी आश्रम, सुतीक्षण आश्रम, सरभंग आश्रम आदि स्थानों में भक्त अपने गुरु के पास पहुंचे और गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया। गुरु पूर्णिमा का चित्रकूट में विशेष महत्व है। यहां पर प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में लोग दूर-दूर आते हैं। लेकिन इस बार गुरु पूर्णिमा में कोविड का असर साफ दिखा। मुख्यालय के योगेश जैन परिवार समेत पंपासुर आश्रम में जाकर गुरूदेव का पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद लिया।

संस्कार भारती ने दो कलाकार किए सम्मानित

संस्कार भारती इकाई ने गुरु पूर्णिमा पर गुरु पर्व मनाते हुए जिले के दो कला साधकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। गुरु पूर्णिमा पर संस्कार भारती की हर इकाई जिले में संगीत एवं कला के क्षेत्र में सराहनीय योगदान देने वाले कला साधकों को सम्मानित करती है। संस्कार भारती ने कलाकारों के नाम पर गहन चिंतन बाद चित्रकला के क्षेत्र से लालमन प्रजापति व संगीत के क्षेत्र में संतोष कुमार विश्वकर्मा को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया। यह दोनों कलाकार सीआईसी में संगीत व कला शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दोनों कलाकारों को प्रशस्ति पत्र दिए गए। इकाई अध्यक्ष डा गोपाल मिश्र ने कहा कि संस्कार भारती का कार्य समाज में भारतीय मूल्य संस्कारों को कला संस्कृति एवं साहित्य के माध्यम से स्थापित कराकर उनका प्रचार प्रसार करना है। इकाई के मंत्री डा रजनीश ने कहा कि ऐसे आयोजन से समाज का निर्माण करना संस्कार भारती की प्राथमिकता है। इस दौरान संरक्षक डा विवेक फड़नीस, डा जय शंकर, डा रणवीर सिंह चौहान, डा जयशंकर मिश्र आदि मौजूद रहे।

आस्थावानों में नहीं दिखा कोरोना संक्रमण का खौफ

गुरु पूर्णिमा में धर्मनगरी के साधू-संतों ने कोरोनाकाल को देखते हुए शिष्यों से घर पर ही गुरु पूर्णिमा में गुरु की पूजा करने की अपील की थी। लेकिन इसका असर बहुत ही कम नजर आया। धर्मनगरी चित्रकूट में गुरु पूर्णिमा पर शनिवार को आस्था का समंदर उमड़ पड़ा। रामघाट में मंदाकिनी स्नान के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। शनिवार का दिन होने की वजह से हनुमान मंदिरों में भी भक्तों की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने कामतानाथ के दर्शन कर जयकारे लगाए। परिक्रमा मार्ग पूरे दिन श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। भगवान कामतानाथ के जयकारों की गूंज गूंजती रही। हनुमानधारा, स्फटिक शिला, गुप्त गोदावरी, बरहा हनुमान मंदिर, सती अनुसुइया आश्रम में भक्तों का सैलाब उमड़ा रहा।

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