
करोड़ों हजम कर भूमिगत हो गए मुर्दा पेंशनरों के परिजन
संक्षेप: Chitrakoot News - चित्रकूट में 93 पेंशनरों के खातों में अनियमित भुगतान कर 43.13 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच चल रही है। मृतक पेंशनरों के नाम पर करोड़ों का भुगतान निकाला गया है। अब तक 32 लोग गिरफ्तार हुए हैं, जिनमें पेंशनर, कोषागार कर्मी और दलाल शामिल हैं। एसआईटी मृतक पेंशनरों के परिजनों की तलाश कर रही है।
चित्रकूट, संवाददाता। कोषागार में 93 पेंशनरों के खातों में अनियमित भुगतान कर 43.13 करोड़ की धनराशि के घोटाले की छानबीन कर रही पुलिस एसआईटी लगातार तथ्य और साक्ष्य जुटाने में लगी है। अब तक करीब आधा दर्जन मृतक पेंशनर चिन्हित हुए है, जिनकी मौत के बाद उनके नाम पर करोड़ों का भुगतान निकाला गया है। प्रथम दृष्ट्या यह भुगतान निकालने का संदेश उनके परिजनों पर ही किया जा रहा है। जिनकी एसआईटी तलाश कर रही है। इनके परिजन घोटाला उजागर होने के बाद से ही भूमिगत हो गए है। घोटाले के मामले में चार कोषागार कर्मियों व 93 चिन्हित पेंशनरों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करने के बाद अब तक एसआईटी ने 32 लोगों की गिरफ्तारी की है।

इनमें 24 पेंशनर, दो कोषागार कर्मी व छह दलाल शामिल है। इन्हीं में दो मृतक पेंशनरों के दो परिजन भी जेल भेज जा चुके है, जिन्होंने पेंशनर की मौत के बाद भी पैसा निकाला है। एसआईटी चिन्हित प्रत्येक पेंशनर के खातों में हुए भुगतान के संबंध में जानकारी जुटा रही है। बैंक स्टेटमेंट से कब और किस तरीके से पैसा निकाला गया, इसका साक्ष्य और तथ्य जुटाए जा रहे है। बताते हैं कि एसआईटी की छानबीन में अब तक करीब आधा दर्जन मृतक पेंशनरों के मामले सामने आए है। इनमें ज्यादातर के परिजनों पर भुगतान निकालने का संदेह है। इनके कोषागार से मिले दस्तावेजों और बैंक स्टेटमेंट से मिलान किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो एसआईटी मृतक पेंशनरों के परिजनों की तलाश भी कर रही है, जो कि लगातार गायब चल रहे है। इनके मोबाइल की लोकेशन लेकर पुलिस टीमों ने संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी है। अभी वह पुलिस के हाथ नहीं लग पा रहे है। इसके अलावा अन्य पेंशनरों व कोषागार कर्मियों से सेटिंग कर पैसा हजम करने वाले चिन्हित करीब एक दर्जन दलालों को भी तलाशा जा रहा है। बोले जिम्मेदार- नामजद चिन्हित पेंशनरों के बैंक खातों का स्टेटमेंट लेकर मिलान किया जा रहा है। कई लोग चिन्हित भी किए जा चुके है। जिनको दबोचने के लिए टीमें लगाई गई है। जल्द ही यह पुलिस के शिकंजे में आएंगे। घोटाले में शामिल कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा। अरुण कुमार सिंह, एसपी

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