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नदी सफाई में हुआ फर्जीवाड़ा, हड़प गए मजदूरी

हिन्दुस्तान टीम,चित्रकूटPublished By: Newswrap
Wed, 22 Sep 2021 04:30 AM
नदी सफाई में हुआ फर्जीवाड़ा, हड़प गए मजदूरी

चित्रकूट। संवाददाता

बाल्मीकि नदी की सफाई अभियान में हुए फर्जीवाड़े की पोल खुलकर सामने आने लगी है। ग्राम पंचायत अरवारा में 30 मजदूरों के नाम से फर्जी जाबकार्ड भरकर मजदूरी का पैसा जिम्मेदारों ने हजम कर लिया है। इस मामले में पंचायत मित्र, ग्राम पंचायत सदस्यों के साथ ही ग्रामीणों ने बीडीओ से शिकायत की है। बीडीओ ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई को कहा है।

मनरेगा से इसी वर्ष बाल्मीकि नदी के पुनरोद्धार को लेकर सफाई अभियान चलाया गया है। जिसमें मजदूरों को लगाकर नदी की खुदाई के साथ ही झाड़-झंखाड़ हटाए गए हैं। लेकिन अभियान के दौरान जिम्मेदारों ने फर्जीवाड़े करने में कोई कसर नहीं छोंडी़। अरवारा के ग्राम पंचायत सदस्य राधेश्याम, शुभम सिंह, बिंदा प्रसाद, गीता, कमलबाबू, श्यामलाल, सुनीता एवं ग्रामीण सोहनलाल, जयप्रकाश, कल्लूराम, भोला, कल्ली, रामसजीवन, वृंदाबन आदि ने खंड विकास अधिकारी को शिकायती पत्र दिया है। अवगत कराया कि बाल्मीक नदी की मनरेगा से की गई सफाई कार्य में 30 लोगों के नाम फर्जी जाबकार्ड भरे गए हैं। जिनके नाम से मजदूरी का पैसा निकाला गया है। इनमें दो व्यक्ति ऐसे भी शामिल है, जो कि गांव से बाहर दूसरे शहर में रह रहे हैं। इस तरह से सरकार को जिम्मेदारों ने चपत लगाई है। पंचायत मित्र विजय का कहना है कि जितने लोग नदी सफाई में कार्य कर रहे थे, उनकी हाजरी उसने एमएमएस के जरिए भेज दिया था। जिन लोगों की बात की जा रही है, उनकी उपस्थिति सचिव ने भरी है। शिकायतकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। खंड विकास अधिकारी सुनील सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी मिलने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

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