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बाढ़ में हुए जख्म अभी भरे नहीं, बारिश ने पहुंचा दी गहरी चोट

बाढ़ में हुए जख्म अभी भरे नहीं, बारिश ने पहुंचा दी गहरी चोट

संक्षेप: Chitrakoot News - चित्रकूट में इस बार खरीफ के दौरान मौसम में बदलाव से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। यमुना में आई बाढ़ और असमय बारिश से फसले जलमग्न हो गई हैं। बीमा कंपनियों से क्लेम न मिलने के कारण किसानों की समस्याएं बढ़ गई हैं, जबकि कृषि निवेश अनुदान के तहत कुछ किसानों को सहायता मिली है।

Wed, 5 Nov 2025 09:19 AMNewswrap हिन्दुस्तान, चित्रकूट
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चित्रकूट, संवाददाता। अन्नदाता को इस बार खरीफ के दौरान लगातार मौसम में हुए बदलाव से गहरी चोट लगी है। अत्यधिक बारिश में खरीफ की फसलें काफी बर्बाद हुई है। अगस्त व सितंबर में ऊपरी इलाकों में जोरदार बारिश होने से यमुना में आई बाढ़ के दौरान फसलें जलमग्न हो गई थी। नुकसान का सर्वे तो कराया गया, लेकिन अभी तक बीमा कंपनी से क्लेम नहीं मिला। बाढ़ के दौरान फसलों को हुई क्षति का क्लेम न मिलने से किसानों के जख्म अभी तक नहीं भर पाए है। इधर पिछले सप्ताह हुई बारिश ने फसलों को बर्बाद कर किसानों को गहरी चोट दे दी है।

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इस वर्ष यमुना में लगातार चार बार बाढ़ आई है। जिससे राजापुर व मऊ तहसील क्षेत्र के तलहटी वाले 56 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए थे। कई दिन तक सड़कों में जलभराव होने से लोगों का आवागमन ठप रहा। हजारों बीघे खरीफ की बोई फसलें जलमग्न रही। जिससे तिल, ज्वार, बाजरा, मूंग, उर्द के साथ ही धान को क्षति पहुंची थी। जिला प्रशासन ने राजस्व, कृषि व बीमा कंपनी की संयुक्त टीमों से सर्वे कराया। जिसमें 3438 किसानों की 4173 हेक्टेयर रकबे में बोई फसल की क्षति का आंकलन किया गया। सर्वे के बाद बीमित किसानों को बीमा क्लेम देने के लिए रिपोर्ट कंपनी को भेजी गई। करीब डेढ़ माह होने जा रहे है, अभी तक बीमा कंपनी से किसानों को क्लेम नहीं मिला है। हालांकि कृषि निवेश अनुदान के तहत 1441 किसानों को करीब 44 लाख की धनराशि सीधे खातों में उपलब्ध कराई गई है। इधर पिछले सप्ताह असमय बारिश ने सर्वाधिक धान की फसल को बर्बाद कर दिया है। खेतों में पकी खड़ी धान की फसल गिर गई है। इसके साथ ही कटी फसल बारिश का पानी भरने से सड़ रही है। बाढ़ के दौरान फसलों को क्षति- धान- 2156 हेक्टेयर अरहर- 382 हेक्टेयर ज्वार- 128 हेक्टेयर तिल- 765 हेक्टेयर बाजरा- 738 हेक्टेयर बोले जिम्मेदार- बाढ़ के दौरान फसलों को हुई क्षति का सर्वे कराया गया था। कृषि निवेश अनुदान के तहत प्रभावित किसानों को संबंधित तहसीलों से उनके खाते में पैसा भेजा जा चुका है। बीमित किसानों को क्लेम बीमा कंपनी से दिलाने के लिए सर्वे रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। उमेशचंद्र निगम, एडीएम वित्त एवं राजस्व असमय बारिश से फसलों को हुई क्षति के संबंध में कृषि मंत्री और राहत आयुक्त से मुलाकात कर अवगत कराया है। भरोसा मिला है कि फसलों की क्षति का सही आंकलन कराकर प्रभावित सभी किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। सर्वे कर रही टीमों को सही तरीके से आंकलन करने के निर्देश भी शासन स्तर से दिए गए है। अविनाशचंद्र द्विवेदी, विधायक मऊ-मानिकपुर बाढ़ के दौरान हुई क्षति का क्लेम दिलाने के लिए कंपनी को रिपोर्ट जा चुकी है। अभी बीमा कंपनी से क्लेम नहीं आया है। बीते दिनों बारिश से फसलों को हुई क्षति का आंकलन संयुक्त टीमें कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद प्रभावित किसानों को क्लेम दिया जाएगा। राज कुमार, उप कृषि निदेशक