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चित्रकूट में बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को क्षति, फिर बूंदाबांदी

मौसम में आए दिन बदलाव के साथ हुई बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को काफी

चित्रकूट में बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को क्षति, फिर बूंदाबांदी
हिन्दुस्तान टीम,चित्रकूटThu, 22 Feb 2024 11:45 PM
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मौसम में आए दिन बदलाव के साथ हुई बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। एक दिन पहले ही कई गांवों में जोरदार बारिश से फसलें खेतों में गिर गई है। इसके अलावा हल्की ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। फसलों को हुए नुकसान को देखने के लिए शुक्रवार को किसान खेतों में डटे रहे।

पिछले एक सप्ताह से मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। भरतकूप व मानिकपुर इलाके में बीते 12 फरवरी को बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई थी। इसके बाद मौसम साफ हो गया था। लेकिन बुधवार को फिर से आसमान में बादल छाने के साथ ही बारिश की संभावना दिखने लगी थी। अपरान्ह बाद भैसौंधा, इटखरी, बगलई, हिनौतामाफी, परसौंजा आदि गांवों की तरफ हल्की ओलावृष्टि व बारिश से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। गुरुवार को सुबह से ही किसान खेतों में पहुंचकर नुकसान देखते रहे। बताते हैं कि तेज हवा के साथ बारिश से फसलें खेतों में गिर गई है। सर्वाधिक सरसो की फसल को नुकसान बताया जा रहा है। शुक्रवार को दोपहर तक हल्की धूप रही। इसके बाद आसमान में बादल छाए रहे। किसानों का कहना है कि अगर इसी तरह बारिश व ओलावृष्टि हुई तो फसलें बर्बाद हो जाएंगी।

फसलों की क्षति का जायजा ले रही संयुक्त टीमें

अब तक बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को हुई क्षति का आंकलन संयुक्त टीमें कर रही है। इसके लिए प्रशासन सर्वे करा रहा है। रसिन गांव के कई मजरों में पिछले सप्ताह ओलावृष्टि अधिक होने से फसलें बर्बाद हुई थी। किसानों ने मुख्यालय में आकर विरोध प्रदर्शन भी किया था। फलस्वरूप राजस्व, कृषि व बीमा कंपनी की संयुक्त टीमों ने मौके पर जाकर सर्वे किया। उप कृषि निदेशक राज कुमार का कहना है कि बुधवार को कुछ इलाकों में बारिश हुई है। जिससे फसलों को खास नुकसान नहीं हुआ है।

मरीजों की लगी लाइनें, मौसम बदलाव से बढ़ी बीमारियां

मौसम बदलाव का असर अस्पतालों में अब देखने को मिल रहा है। मरीजों की अस्पतालों में भीड़ नजर आने लगी है। जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे ओपीडी खुलते ही पर्चा काउंटर में लंबी लाइन लगने लगती है। डाक्टर कक्ष में इलाज के लिए भीड़ की वजह से मारामारी की स्थिति होती है। ओपीडी में रोजाना औसतन एक हजार मरीज इस समय पहुंच रहे है। इनमें सर्वाधिक खांसी, जुकाम व बुखार के मरीज शामिल है।

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