DA Image
8 अगस्त, 2020|4:51|IST

अगली स्टोरी

खफा अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे

खफा अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे

बांदा में साथी पर प्राणघातक हमले के आरोपितों की गिरफ्तारी न होने पर अधिवक्ताओं ने भी उनके समर्थन में आंदोलन की शुरुआत कर दी। अधिवक्ता गुरुवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे। इसके साथ ही कई मांगों को लेकर एक ज्ञापन डीएम को सौंपा गया। जिसमें अधिवक्ताओं के उत्पीड़न संबंधी मामलों में कार्रवाई की मांग की गई है।

21 जुलाई को बांदा के अधिवक्ता अमित राज सिंह पर प्राणघातक हमला हुआ था। जिसमें आरोपितों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। बांदा में चल रही हड़ताल के समर्थन में जिला बार एसोसिएशन कर्वी की अगुवाई में अधिवक्ता गुरुवार को न्यायिक कार्यों से विरत रहे। सभागार में बैठक के बाद अध्यक्ष हेमराज सिंह व सचिव शिवशंकर उपाध्याय की अगुवाई में डीएम को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम सदर अश्विनी कुमार पांडेय को सौंपा गया। कहा कि हमलावरों की गिरफ्तारी न होने पर अधिवक्ता आंदोलन के लिए विवश होंगे। मानिकपुर के अधिवक्ता राजकुमार पाल को भी कुछ लोगों ने जान से मारने की धमकी दी है। अवगत कराने के बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इसी तरह वाहन चेकिंग के नाम पर अधिवक्ताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। अधिवक्ताओं के कचहरी आने-जाने के दौरान भारी वाहन निकलते हैं। जिससे दिक्कतें हो रही है। सुबह 10 से 11 एवं शाम 4 से 5 बजे के मध्य शहर में भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई जाए। ज्ञापन में कहा कि अधिवक्ता छोटेलाल निषाद का मई में पुलिस ने चालान किया था। जानकारी देने पर भी पुलिस अधिवक्ता को हथकड़ी डालकर एसडीएम कार्यालय लेकर गई थी। एसोसिएशन ने शिकायत दर्ज कराई थी तो बताया गया कि सीओ जांच करेंगे। लेकिन आज तक संबंधित एसआई के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Advocate Advocate desisted from judicial work