
ट्यूशन से बचने को बच्चा छिपा, पुलिस शहर में खोजती रही, कुत्ते ने घर में ही ढूंढ निकाला
संक्षेप: यूपी के गोरखपुर में एक बच्चे की शैतानी ने परिवार ही नहीं पुलिस को भी परेशान कर दिया। बच्चा ट्यूशन नहीं पढ़ने के चक्कर में ऊपरी मंजिल पर जाकर छिप गया। अपहरण की आशंका में जगह-जगह तलाश हुई। फिर पुलिस के कुत्ते ने बच्चे को खोज निकाला।
गोरखपुर में चौथी कक्षा के बच्चे लक्ष्य प्रताप सिंह ने अपनी शैतानी से परिवार ही नहीं पुलिस और पड़ोसियों को सांसत में डाल दिया। बुधवार शाम 5 बजे खेलने निकला यह 10 साल का बच्चा अचानक गायब हो गया। इससे परिवार में हड़कंप मच गया। आसपास खोजने पर भी जब बच्चा नहीं मिला तो अपहरण का शक होने पर दादा सदानंद सिंह ने चिलुआताल थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस भी खोजबीन में जुट गई। आसपास के थानों में सूचना प्रसारित कर दी गई। पुलिस अपने कुत्ते को भी खोजबीन में उतार दिया। इसी कुत्ते ने कुछ देर में ही बच्चे को खोज निकाला।
दरअसल बच्चा ट्यूशन नहीं पढ़ना चाहता था। इसलिए घर के ऊपरी मंजिल पर स्थित कमरे में जाकर छिप गया। इसी दौरान उसे नींद आ गई। परिवार ने सोचा खोलने के लिए बाहर गया हुआ है। काफी देर तक वह नहीं लौटा तो परिवार वालों ने खोजबीन शुरू की।आसपास खोजने के बाद भी कुछ पता नहीं चला तो अपहरण की आशंका में परिवार परेशान हो गया। पुलिस को भी मामले की जानकारी दी गई।
पुलिस ने रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों पर तलाशी शुरू की और बच्चे की तस्वीर व्हाट्सएप ग्रुप्स में वायरल कर दी। इसके बाद भी जब बच्चे का पता नहीं चला तो एसपी (उत्तर) जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस के मशहूर खोजी कुत्ता ‘टोनी’ को मैदान में उतारा। यह सात साल का डॉबरमैन नस्ल का तूफानी टोनी बच्चे की कमीज सूंघते ही एक्शन में आ गया। वह भागते हुए घर की ऊपरी मंजिल की ओर भागा और एक बंद कमरे पर जाकर जोर-जोर से भौंकने लगा।
पुलिस ने कमरा खोला तो नजारा देखकर सभी हैरान रह गए। बच्चा एक कोने में गहरी नींद में खर्राटे मार रहा था। उसे उठाया गया तो कबूला कि ट्यूशन से बचने के लिए छिप गया था। उसने बताया कि होमवर्क अधूरा था। सोचा था टीचर चला जाएगा तो निकल आऊंगा, लेकिन नींद लग गई।
एसपी श्रीवास्तव ने बताया कि अपहरण की आशंका से कई टीमें जुट गई थीं, लेकिन यह तो ट्यूशन का डर था जो लड़के को घर में ही कैद कर बैठा। श्वान दस्ते के प्रभारी धनेश्वर चौहान ने टोनी की सूझबूझ की तारीफ करते हुए कहा कि उसने समय बचाया और इस नाटकीय ड्रामे को हंसी-खुशी खत्म किया।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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