कुर्बानी सिखाने के नाम पर बच्चे ने दूसरे का चाकू से काटा कान; खेल-खेल में हो गया बड़ा कांड
मुजफ्फरनगर के मीरापुर क्षेत्र के कैथोड़ा गांव में खेलते समय एक कुर्बानी सिखाने के नाम पर 11 वर्षीय बच्चे का दूसरे बच्चे ने चाकू से कान काट दिया। घायल बच्चे को अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने बताया कि अभी तहरीर नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मुजफ्फरनगर के मीरापुर थाना क्षेत्र के कैथोड़ा गांव में बच्चों के बीच खेल-खेल में हुई एक घटना ने सभी को हैरान कर दिया। पड़ोस के बच्चों के साथ खेल रहे 11 वर्षीय बच्चे का दूसरे बच्चे ने चाकू से कान काट दिया। घायल बच्चे को उपचार के लिए जानसठ अस्पताल भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि अभी तक मामले में लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार, कैथोड़ा गांव निवासी मुजम्मिल का 11 वर्षीय पुत्र अजीम बुधवार शाम अपने घर के पास पड़ोसी अनीस के बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान बच्चों के बीच बातचीत के दौरान अजीम ने कथित तौर पर पूछा कि कुर्बानी कैसे की जाती है।
ऐसे दी जाती है कुर्बानी…और काट दिया कान
आरोप है कि इस पर पड़ोसी का एक नाबालिग बच्चा घर के अंदर गया और वहां से चाकू लेकर आया। इसके बाद उसने अजीम के कान पर चाकू रखते हुए कहा कि "ऐसे होती है कुर्बानी" और कान पर वार कर दिया। वार होते ही अजीम का कान कट गया और वह लहूलुहान हो गया। दर्द से रोता हुआ वह अपने घर पहुंचा और परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन घायल बच्चे को लेकर मीरापुर थाने पहुंचे। पुलिस ने बच्चे को तत्काल चिकित्सीय परीक्षण और उपचार के लिए जानसठ अस्पताल भेज दिया।
पुलिस को नहीं मिली कोई तहरीर
मीरापुर थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव शर्मा ने बताया कि फिलहाल पुलिस को इस मामले में कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद पूरे घटनाक्रम की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि घटना किन हालातों में हुई और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही तो नहीं बरती गई।
गांव में चर्चा का विषय बनी घटना
घटना के बाद गांव में इस मामले की चर्चा बनी हुई है। परिजनों ने छोटे बच्चों की पहुंच से चाकू और अन्य धारदार वस्तुओं को दूर रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनका कहना है कि बच्चों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जानी चाहिए, क्योंकि खेल-खेल में किया गया कोई भी असावधानी भरा कदम गंभीर हादसे का रूप ले सकता है। बच्चों की आपसी खेल और जिज्ञासा के दौरान हुई घटना का प्रतीत होता है। चूंकि दोनों बच्चे नाबालिग हैं, इसलिए पुलिस पूरे मामले की संवेदनशीलता के साथ जांच कर रही है। जांच के बाद ही घटना के सभी पहलुओं और जिम्मेदारियों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।


