चंद्रशेखर ने दिया भाजपा को झटका, मायावती के करीबी रहे पूर्व IPS प्रेम प्रकाश आसपा में शामिल
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले चंद्रशेखर आजाद ने भाजपा को झटका दिया है। मायावती के बेहद करीबी अफसर रहे पूर्व आईपीएस प्रेम प्रकाश ने आजाद समाज पार्टी ज्वाइन कर ली है। प्रेम प्रकाश ने लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा की सदस्यता ली थी।

यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले आजाद समाज पार्टी (आसपा) के चीफ और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भाजपा को झटका दिया है। पूर्व आईपीएस प्रेम प्रकाश ने आसपा ज्वाइन कर ली है। कहा जा रहा है कि इससे आसपा को बड़ी ताकत मिली है। प्रेम प्रकाश के शामिल होने की जानकारी खुद चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर दी है। प्रेम प्रकाश ने पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा की सदस्यता ली थी। 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रेम प्रकाश की गिनती मायावती के बेहद करीबी अफसरों में होती थी। वह लंबे समय तक मेरठ और पश्चिमी यूपी में तैनात रहे हैं। कई जिलों में एसएसपी, डीआईडी और एडीजी के पद पर रहे।
प्रेम प्रकाश का नाम प्रदेश की नौकरशाही में काफी चर्चित रहा है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के शासनकाल के दौरान वे बसपा सुप्रीमो मायावती के बेहद करीबी और भरोसेमंद अधिकारियों में गिने जाते थे। एक लंबा प्रशासनिक अनुभव रखने वाले प्रेम प्रकाश के आसपा में शामिल होने को आजाद समाज पार्टी के लिए एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।
लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा में हुए थे शामिल
पूर्व आईपीएस प्रेम प्रकाश इससे पहले लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान भाजपा में शामिल हुए थे। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और तत्कालीन यूपी भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी की उपस्थिति में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। भाजपा ज्वाइन करने के बाद मायावती पर हमला भी किया था। कहा था कि वह बहुजन समाज के लिए राजनीति में आए हैं।
मुख्तार अंसारी को पंजाब से लाने में अहम भूमिका
बसपा सरकार में बेहद चर्चित रहे प्रेम प्रकाश की गिनती मायावती के बेहद करीबी अफसरों में होती थी। यूपी में सपा सरकार आने पर उन्हें साइड लाइन कर दिया गया। इसके बाद 2017 में जब उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आई तो फिर से प्रेम प्रकाश को अहम पदों पर तैनाती मिली। मुख्तार अंसारी को पंजाब की रोपड़ जेल से यूपी की बांदा जेल लाने पर भी उनकी प्रमुख भूमिका मानी जाती है। उस समय प्रेम प्रकाश ADG के पद पर थे।
श्रीराम मंदिर के दान चोरी की होनी चाहिए निष्पक्ष जांच : चंद्रशेखर
वहीं राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि छोटे लोगों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि बड़े लोगों को बचाने का प्रयास हो रहा है। यदि उच्च स्तर के अधिकारियों या अन्य जिम्मेदार लोगों के नाम सामने आ रहे हैं तो मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियां इस मामले में सक्रिय क्यों नहीं हैं। सांसद ने कहा कि बिना एफआईआर दर्ज किए एसआईटी का गठन किया जाना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि यदि इतनी बड़ी राशि का मामला है तो इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच जरूरी है।
चंद्रशेखर समेत आठ आरोपी कोर्ट में पेश हुए
महानगर से सटे गांव रामनगर में हुई हिंसा के मामले में अपर सत्र मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ एमपी-एमएलए मीनल चावला की अदालत में सुनवाई हुई, जिसमें नगीना सांसद चंद्रशेखर समेत आठ आरोपी पेश हुए। इस दौरान करीब 45 मिनट तक अदालत में सांसद चंद्रशेखर मौजूद रहे। उन्होंने गैर जमानती वारंट रिकॉल कराए। अदालत में चार्ज फ्रेम की कार्रवाई भी की। कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव रामनगर में मई 2017 को हिंसा फैल गई थी। इसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
पेश नहीं होने पर कोर्ट ने जारी किए थे गैर जमानती वारंट
विशेष लोक अभियोजक गुलाब सिंह ने बताया कि अदालत में 14 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई चल रही है। सुनवाई में छह आरोपी अदालत में नियमित पेश हो रहे थे, जबकि सांसद चंद्रशेखर, दीपक बौद्ध, कालू उर्फ अमित, कमल वालिया, कदम सिंह, अंकित, बंटी, राजन अदालत में पेश नहीं हुए, इस पर अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किए थे। छह जून को मामले की सुनवाई हुई थी। सोमवार को सुनवाई के बाद अदालत ने अगली तारीख नौ जुलाई की दी है।


