यूपी चुनाव के लिए चंद्रशेखर आजाद का बड़ा दांव, आसपा के 45 विधानसभा प्रभारियों का ऐलान
आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने शुक्रवार को यूपी विधानसभा चुनाव के लिए 45 सीटों पर प्रभारियों के नामों का ऐलान कर दिया। माना जा रहा है कि यही प्रभारी आगे चल कर प्रत्याशी हो जाएंगे।

यूपी विधानसभा चुनाव के लिए आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष सांसद चंद्रशेखर आजाद ने शुक्रवार को बड़ा दांव खेला। यूपी की 45 विधानसभा सीटों पर प्रभारियों का ऐलान कर दिया। बहुजन समाज पार्टी से छिटके दलित समाज के वोटों को अपने पक्ष में करने की मुहिम में चंद्रशेखर जुटे हुए हैं। बहुजन समाज पार्टी भी चुनावों से पहले विधानसभा प्रभारियों का ऐलान करती रही है। प्रभारियों को ही बाद में टिकट देकर प्रत्याशी भी बनाया जाता रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि बसपा की तरह यह भी आसपा के भी यह प्रत्याशी ही हो सकते हैं। इन नामों में खास रणनीति भी दिखाई दे रही है। 45 में से एक भी सवर्ण नहीं है।
सोशल इंजीनियरिंग पर जोर
चंद्रशेखर आजाद ने इस लिस्ट के जरिए यह भी साफ कर दिया कि उनकी पार्टी सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले पर ही आगे बढ़ेगी। प्रभारी बनाए गए नेताओं में एक भी ब्राह्मण, ठाकुर या सवर्ण जातियों से नहीं है। सभी नामदलित, ओबीसी और मुस्लिम समाज से हैं। केवल लखीमपुर खीरी की पलिया सीट पर सिख को प्रभारी नियुक्त किया है। पलिया इलाका सिख बहुल्य भी है। चंद्रशेखर ने 16 सीटों पर ओबीसी को मौका दिया है। 17 सीटों पर अनुसूचित जाति और 11 सीटों पर मुस्लिम समाज के लोगों को प्रभारी बनाया है।
समाजवादी पार्टी के पीडीए पर ही फोकस
चंद्रशेखर आजाद की पार्टी की तरफ से जारी लिस्ट में 45 में 44 पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और मुस्लिम ही हैं। ऐसे में आसपा को आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा के साथ ही सपा के लिए भी बड़ी चुनौती माना जा रहा है। चंद्रशेखर ने पिछले दिनों भाजपा को छोड़कर किसी के साथ भी गठबंधन का इशारा भी किया था। गठबंधन के लिए बातचीत से पहले ही इस ऐलान ने दबाव की राजनीति भी माना जा रहा है।
पश्चिमी से लेकर पूर्वांचल तक बिछाई बिसात
आसपा ने अपनी सूची में पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वी यूपी तक चुनावी बिसात बिछाई है। शामली की थाना भवन, मुजफ्फरनगर की चरथावल, मेरठ, अलीगढ़, आगरा, बरेली, लखनऊ कैंट से लेकर गोरखपुर, कुशीनगर, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर और वाराणसी की रोहनिया जैसी महत्वपूर्ण सीटों के प्रभारी घोषित किए हैं।
सुरक्षित सीटों पर आसपा का ज्यादा जोर
आसपा की इस सूची में सुरक्षित सीटों पर खास जोर दिखाई दे रहा है। हापुड़, हाथरस, आगरा कैंट, टुंडला, श्रीनगर, हरगाँव, मिश्रिख, गोपामाऊ, भरथना, बांसगांव, सलेमपुर, मछलीशहर और जखनियां जैसी आरक्षित सीटों पर संगठन को धार देने के लिए प्रभारियों की नियुक्त कर दी है।
लिस्ट में पूर्व मंत्री और पूर्व आईपीएस अधिकारी भी
प्रभारियों की लिस्ट में पूर्व मंत्री के साथ पूर्व आईपीएस को भी स्थान दिया गया है। हाथरस (सुरक्षित) सीट पर पूर्व आईपीएस आदित्य प्रकाश वर्मा को प्रभारी बनाकर पार्टी ने उनके प्रशासनिक अनुभव को फायदा लेने की कोशिश की है। इसके साथ ही अलीगढ़ की छर्रा सीट पर पूर्व मंत्री चौधरी महेंद्र सिंह को जिम्मेदारी देकर राजनीतिक अनुवभ का फायदा उठाया है।


